Ghaziabad में हुए चर्चित कैश वैन लूटकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नेपाल बॉर्डर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी लूट की रकम लेकर नेपाल में मौज-मस्ती कर रहे थे और बकरीद मनाने के लिए घर लौटते समय सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ गए।
कैश वैन लूट से मचा था हड़कंप
कुछ दिन पहले गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक इलाके में दिनदहाड़े ATM कैश वैन लूट की वारदात हुई थी। बदमाशों ने हथियारों के बल पर कैश वैन चालक को बंधक बनाकर लाखों रुपये लूट लिए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
पुलिस के अनुसार बदमाश कई महीनों से कैश वैन की रेकी कर रहे थे और पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया गया था।
छह महीने तक की थी रेकी
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने करीब छह महीने तक कैश वैन की गतिविधियों पर नजर रखी थी। पुलिस का कहना है कि गैंग ने वारदात से पहले कई बार रिहर्सल भी की थी ताकि लूट को बिना किसी गलती के अंजाम दिया जा सके।
वारदात वाले दिन आरोपी बिना नंबर प्लेट वाली कार से मौके पर पहुंचे थे ताकि CCTV में उनकी पहचान न हो सके।
नेपाल में की मौज-मस्ती
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि लूट के बाद आरोपी नेपाल भाग गए थे। वहां उन्होंने लूट की रकम से जमकर मौज-मस्ती की। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने होटल, शराब और अन्य खर्चों में बड़ी रकम उड़ाई।
जांच एजेंसियों को सूचना मिली थी कि आरोपी बकरीद से पहले वापस भारत लौट सकते हैं,
जिसके बाद नेपाल सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई थी।
बॉर्डर पर दबोचे गए आरोपी
नेपाल बॉर्डर पर चेकिंग के दौरान दोनों आरोपी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ गए।
अधिकारियों के मुताबिक दोनों संदिग्ध गतिविधियों में नजर आए, जिसके बाद पूछताछ में पूरा मामला खुल गया।
पुलिस अब बाकी फरार आरोपियों की तलाश में भी लगातार छापेमारी कर रही है।
CCTV और तकनीकी जांच से मिला सुराग
पुलिस ने घटना के बाद 300 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले थे। इसी दौरान एक संदिग्ध कार
$पुलिस के रडार पर आई। जांच आगे बढ़ने पर आरोपियों की पहचान हुई और फिर उनकी लोकेशन ट्रैक की गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी सर्विलांस और CCTV फुटेज इस केस में सबसे बड़ा सुराग साबित हुए।
लाखों रुपये और हथियार बरामद
पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से पुलिस ने लाखों रुपये नकद, हथियार और कई वाहन बरामद किए थे।
पुलिस का दावा है कि गिरोह के सभी सदस्य आपस में रिश्तेदार हैं और लंबे समय से वारदात की योजना बना रहे थे।
पुलिस कर रही बाकी आरोपियों की तलाश
अधिकारियों के अनुसार इस मामले में अभी कई आरोपी फरार हैं। पुलिस की कई टीमें
लगातार अलग-अलग राज्यों में दबिश दे रही हैं। गैंग के मास्टरमाइंड की तलाश भी जारी है।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर लिया जाएगा।
हाईवे सुरक्षा पर उठे सवाल
दिनदहाड़े हुई इस लूट ने हाईवे सुरक्षा और कैश ट्रांजिट सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी वारदात के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कैश वैन सुरक्षा प्रोटोकॉल में
बड़े बदलाव की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।
read this post:अखिलेश यादव का BJP पर बड़ा हमला, बोले- “अगले चुनाव में जनता पूरी तरह साफ कर देगी”
