गोरखपुर का चिलुआताल
गोरखपुर को मिलने जा रहा नया पर्यटन स्थल
गोरखपुर के उत्तरी छोर पर स्थित चिलुआताल अब पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। वर्षों तक उपेक्षित रहने के बाद चिलुआताल का व्यापक कायाकल्प किया गया है। लगभग 20.39 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस परियोजना का उद्देश्य इसे रामगढ़ताल की तरह एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करना है। अब यहां आने वाले लोगों को प्राकृतिक सौंदर्य के साथ आधुनिक सुविधाओं का भी आनंद मिलेगा।
जल्द शुरू होगी बोटिंग की सुविधा
चिलुआताल परियोजना की सबसे बड़ी खासियत बोटिंग सुविधा होगी। अधिकारियों के अनुसार रामगढ़ताल की तरह यहां भी नौकायन की व्यवस्था शुरू की जाएगी। इससे पर्यटकों को मनोरंजन का नया विकल्प मिलेगा और चिलुआताल की लोकप्रियता तेजी से बढ़ सकती है। बोटिंग शुरू होने के बाद परिवार, युवा और पर्यटक यहां अधिक संख्या में पहुंचेंगे।
20 करोड़ से अधिक की लागत से हुआ विकास
पर्यटन विभाग द्वारा चिलुआताल को विकसित करने के लिए 20.39 करोड़ रुपये की परियोजना को मूर्त रूप दिया गया है। इसके तहत 570 मीटर लंबे पाथवे, घाट की सीढ़ियां, रेलिंग, सोलर लाइट, इंटरलॉकिंग सड़कें, सीसी रोड, बैठने के लिए बेंच, एप्रोच रोड, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
सुबह-शाम की सैर के लिए बनेगा पसंदीदा स्थल
चिलुआताल का विकसित स्वरूप अब लोगों को आकर्षित करने लगा है। सुंदर पाथवे और झील किनारे बने घाट लोगों को सुबह और शाम की सैर के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराएंगे। स्थानीय निवासी पहले से ही यहां पहुंचकर प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने लगे हैं।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
पर्यटन परियोजना का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय लोगों को मिलने वाला रोजगार है। चिलुआताल परिसर में दुकानें और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए स्थान विकसित किए गए हैं। इससे स्थानीय युवाओं और छोटे व्यापारियों को नए अवसर मिलेंगे। खानपान, पर्यटन सेवाएं और अन्य व्यवसायों के माध्यम से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
रामगढ़ताल जैसा विकसित होगा चिलुआताल
प्रदेश सरकार लंबे समय से चिलुआताल को रामगढ़ताल की तर्ज पर
विकसित करने की योजना पर काम कर रही थी।
अब यह योजना लगभग पूरी हो चुकी है। भविष्य में यहां लेक व्यू प्वाइंट, फूड कोर्ट, दुकानें और
अन्य पर्यटन सुविधाओं को भी विस्तार दिया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र गोरखपुर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सके।
कनेक्टिविटी बेहतर बनाने की तैयारी
पर्यटन विभाग चिलुआताल घाट को महेसरा पुल के पास गोरखपुर-सोनौली फोरलेन
सड़क से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रहा है। इससे पर्यटकों को यहां पहुंचने में
आसानी होगी और बाहरी जिलों से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ सकती है।
पर्यावरण और पर्यटन का अनूठा संगम
चिलुआताल केवल पर्यटन स्थल ही नहीं बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य का भी शानदार उदाहरण बनने जा रहा है।
झील के आसपास हरियाली, स्वच्छ वातावरण और आधुनिक सुविधाओं का संयोजन
इसे परिवारों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना सकता है।
मुख्यमंत्री करेंगे लोकार्पण
रिपोर्ट्स के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चिलुआताल पर्यटन विकास एवं
सौंदर्यीकरण परियोजना का लोकार्पण करने वाले हैं। इसके बाद
यह परियोजना औपचारिक रूप से जनता के लिए उपलब्ध हो जाएगी।
चिलुआताल का विकास गोरखपुर के पर्यटन क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
, आधुनिक घाट, पाथवे, दुकानें और अन्य सुविधाएं
इसे पूर्वांचल का नया पर्यटन केंद्र बना सकती हैं। इससे न केवल पर्यटकों को
नया आकर्षण मिलेगा बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे।
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