बरेली में UP TGT परीक्षा
टीजीटी परीक्षा में नकल माफिया की एंट्री
उत्तर प्रदेश में चल रही टीजीटी भर्ती परीक्षा के दौरान बरेली से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंचे एक सॉल्वर को पकड़ लिया गया। बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच के दौरान उसकी पहचान उजागर हो गई, जिसके बाद केंद्र पर हड़कंप मच गया।
यह घटना एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं में सक्रिय सॉल्वर गैंग और नकल माफिया की गतिविधियों को उजागर करती है।
बायोमेट्रिक जांच में खुली सच्चाई
परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों की पहचान की जांच की जा रही थी। इसी दौरान संदिग्ध युवक के फिंगरप्रिंट और दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आई। अधिकारियों को शक होने पर उससे पूछताछ की गई, जिसमें मामला खुल गया कि वह वास्तविक अभ्यर्थी नहीं बल्कि उसकी जगह परीक्षा देने आया था।
इसके बाद केंद्र प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।
सॉल्वर गैंग से जुड़े हो सकते हैं तार
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी किसी संगठित सॉल्वर गिरोह से जुड़ा हो सकता है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसे परीक्षा देने के लिए किसने भेजा था और इसके बदले कितनी रकम तय हुई थी।
अधिकारियों का मानना है कि इस मामले के तार अन्य जिलों तक भी जुड़े हो सकते हैं। इसलिए जांच को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
परीक्षा केंद्रों पर बढ़ाई गई निगरानी
घटना के बाद परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी और सख्त कर दी गई है। आयोग ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए हैं कि पहचान सत्यापन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
बायोमेट्रिक सत्यापन, आधार जांच और फोटो मिलान जैसी प्रक्रियाओं को और
मजबूत किया गया है ताकि कोई भी फर्जी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल न हो सके।
भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जोर
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित टीजीटी परीक्षा लाखों अभ्यर्थियों के
भविष्य से जुड़ी हुई है। ऐसे में किसी भी प्रकार की धांधली को रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी निगरानी और सख्त सत्यापन प्रक्रिया की वजह से
अब सॉल्वर गैंग के लिए परीक्षाओं में सेंध लगाना पहले की तुलना में काफी मुश्किल हो गया है।
पुलिस कर रही गहन जांच
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और वास्तविक अभ्यर्थी की भी तलाश की जा रही है।
जांच एजेंसियां मोबाइल फोन, संपर्क सूत्रों और आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं।
यदि मामले में किसी गिरोह की संलिप्तता सामने आती है तो कई और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
बरेली में TGT परीक्षा के दौरान सॉल्वर पकड़े जाने की घटना ने
भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है। हालांकि
बायोमेट्रिक जांच की वजह से फर्जी अभ्यर्थी समय रहते पकड़ लिया गया,
जिससे परीक्षा की पारदर्शिता बनी रही। अब पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
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