
गोरखपुर जनपद के उरुवा बाजार में शनिवार का दिन सामाजिक एकता, गौरव और प्रेरणा का प्रतीक बन गया। अखिल भारतीय दुसाध उत्थान परिषद के तत्वावधान में वीर शिरोमणि बाबा चौहर मल की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और बाबा के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।
दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष गौतम पासवान द्वारा बाबा चौहर मल के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय और प्रेरणादायक बन गया। उपस्थित लोगों ने बाबा चौहर मल के जीवन, संघर्ष और समाज सेवा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
शिक्षा और सामाजिक सुधार पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गौतम पासवान ने अपने संबोधन में शिक्षा को समाज के विकास का सबसे बड़ा हथियार बताया। उन्होंने कहा कि जब तक समाज शिक्षित नहीं होगा, तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं है।
उन्होंने दलित समाज के उत्थान, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
एकता और जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष भोला पासवान, उदय राज पासवान, लालचंद दुसाध और उर्मिला देवी सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। सभी ने समाज में एकजुटता बनाए रखने और जागरूकता फैलाने पर जोर दिया।
वक्ताओं ने कहा कि यदि समाज संगठित रहेगा तो किसी भी चुनौती का सामना आसानी से किया जा सकता है।
सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
खिलाड़ियों का सम्मान, बढ़ाया उत्साह
इस आयोजन के दौरान आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाले करन,
अमित और विक्की को परिषद की ओर से मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस सम्मान से युवाओं में खेल के प्रति उत्साह बढ़ा और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि शिक्षा के साथ-साथ खेल भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बड़ी संख्या में जुटे लोग
इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का सफल संचालन सुभाष पासवान द्वारा किया गया।
पूरे आयोजन में अनुशासन, उत्साह और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
सामाजिक महत्व और प्रेरणा
बाबा चौहर मल की जयंती केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं रही, बल्कि
यह सामाजिक जागरूकता का माध्यम बन गई। इस अवसर पर समाज के उत्थान, शिक्षा के महत्व,
महिलाओं की भागीदारी और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
यह आयोजन समाज को एकजुट करने और नई दिशा देने का कार्य करता है। बाबा चौहर मल के
आदर्श आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति रखते हैं।
उरुवा में आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक एकता, शिक्षा और जागरूकता का एक सशक्त उदाहरण बना।
इस तरह के आयोजन समाज को नई दिशा देने और युवाओं को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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