गोरखपुर में 26वीं वाहिनी
26वीं वाहिनी पीएसी ने किया आपदा राहत अभ्यास
गोरखपुर में बाढ़ और आपदा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए 26वीं वाहिनी पीएसी के जवानों द्वारा विशेष रेस्क्यू अभ्यास किया गया। बृहस्पतिवार को राप्ती नदी के श्रीराम घाट पर ‘बी’ दल यानी बाढ़ राहत दल के जवानों को आपदा राहत एवं बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया।
इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ के दौरान तेजी से राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी तरीके से संचालित करना था।
सेनानायक निहारिका शर्मा की मौजूदगी में हुआ प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ निहारिका शर्मा ने विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ किया।
इसके बाद जवानों को बाढ़ आपदा के दौरान इस्तेमाल होने वाले बचाव उपकरणों और तकनीकों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने जवानों को कठिन परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने के तरीके सिखाए।
रेस्क्यू ऑपरेशन का कराया गया व्यावहारिक अभ्यास
प्रशिक्षण के दौरान जवानों को कई महत्वपूर्ण आपदा प्रबंधन तकनीकों का प्रैक्टिकल अभ्यास कराया गया।
जवानों को सिखाई गई प्रमुख तकनीकें
- नाव संचालन
- आपातकालीन रेस्क्यू
- बाढ़ में राहत कार्य
- बचाव उपकरणों का उपयोग
- त्वरित समन्वय प्रणाली
- नदी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना
जवानों ने राप्ती नदी में उतरकर रेस्क्यू ड्रिल का अभ्यास भी किया।
बाढ़ सीजन को देखते हुए बढ़ी तैयारी
गोरखपुर और आसपास के जिलों में हर साल बाढ़ की स्थिति बनती है। ऐसे में प्रशासन और पीएसी की ओर से पहले से तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते प्रशिक्षण और तैयारी होने से आपदा के समय नुकसान कम किया जा सकता है।
आपदा प्रबंधन पर दिया गया विशेष जोर
अधिकारियों ने जवानों को बताया कि बाढ़ के दौरान तेजी से निर्णय लेना और टीमवर्क बेहद जरूरी होता है।
प्रशिक्षण में यह भी सिखाया गया कि आपदा के समय लोगों को सुरक्षित स्थान तक कैसे पहुंचाया जाए और घबराहट की स्थिति में कैसे काम किया जाए।
कई अधिकारी और जवान रहे मौजूद
इस दौरान सहायक सेनानायक संजय नाथ तिवारी, शिविर पाल मोहम्मद कासिम, बी दल प्रभारी राणा प्रताप चौहान, नीतीश चंद शुक्ला और राजेश यादव समेत कई अधिकारी और जवान मौजूद रहे।
सभी अधिकारियों ने जवानों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें आपदा प्रबंधन के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए।
राप्ती नदी क्षेत्र में रहती है बाढ़ की आशंका
राप्ती नदी के आसपास के इलाकों में मानसून के दौरान अक्सर बाढ़ का खतरा बना रहता है। कई गांव हर साल प्रभावित होते हैं।
इसी वजह से पीएसी और प्रशासन द्वारा लगातार राहत एवं बचाव अभ्यास किए जाते हैं
ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
लोगों में बढ़ा भरोसा
रेस्क्यू अभ्यास देखने पहुंचे स्थानीय लोगों ने पीएसी जवानों की तैयारी की सराहना की।
लोगों का कहना है कि इस तरह के अभ्यास से आपदा के समय राहत कार्य तेजी से हो सकेगा।
गोरखपुर में 26वीं वाहिनी पीएसी द्वारा किया गया रेस्क्यू अभ्यास बाढ़ और आपदा प्रबंधन की
दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। राप्ती नदी पर जवानों को
आधुनिक तकनीकों और बचाव कार्यों का प्रशिक्षण देकर प्रशासन ने मानसून से
पहले तैयारियां तेज कर दी हैं। इससे भविष्य में बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।
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