Gorakhpur News: 33 लाख का जुर्माना लगते ही चेती गैस एजेंसी, अब लगाया होम डिलीवरी का बोर्ड

गोरखपुर में गैस संकट के बीच बड़ी कार्रवाई

Gorakhpur में घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच प्रशासन और तेल कंपनी ने बड़ी कार्रवाई की है। ट्रांसपोर्टनगर स्थित गंगा गैस एजेंसी पर वितरण में अनियमितता और होम डिलीवरी नियमों का पालन न करने के आरोप में 33 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है। कार्रवाई के बाद एजेंसी में हड़कंप मच गया और तुरंत होम डिलीवरी का बोर्ड लगा दिया गया।

गैस वितरण में मिल रही थीं लगातार शिकायतें

बीते कई दिनों से गोरखपुर में गैस सिलिंडर को लेकर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप था कि गंगा गैस एजेंसी पर सिलिंडर लेने के लिए घंटों लाइन लगानी पड़ रही थी। कई लोग तो रातभर मच्छरदानी लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते थे।

इसके बावजूद उपभोक्ताओं को अक्सर यह कहकर लौटा दिया जाता था कि स्टॉक खत्म हो गया है या गैस उपलब्ध नहीं है।

कालाबाजारी और अव्यवस्था के आरोप

उपभोक्ताओं ने एजेंसी पर गैस सिलिंडर की कालाबाजारी करने और वितरण में अनियमितता बरतने के गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायतें लगातार बढ़ने के बाद भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने जांच कराई।

जांच में नियमों के उल्लंघन और होम डिलीवरी व्यवस्था में गड़बड़ी सामने आने के बाद एजेंसी पर 33 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस कार्रवाई के बाद अन्य गैस एजेंसियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस संकट का सबसे ज्यादा असर महिलाओं, बुजुर्गों और दूरदराज के इलाकों से

आने वाले लोगों पर पड़ा। घंटों लाइन में लगने के बावजूद सिलिंडर नहीं मिलने से लोगों में भारी नाराजगी थी।

कुछ उपभोक्ताओं ने एजेंसी कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार करने के आरोप भी लगाए हैं। सोशल मीडिया पर भी

गैस संकट और एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।

जुर्माने के बाद एजेंसी में बदलाव

भारी जुर्माना लगने के बाद गंगा गैस एजेंसी ने होम डिलीवरी सेवा को लेकर बोर्ड लगा दिया है।

माना जा रहा है कि कार्रवाई के बाद एजेंसी अब नियमों का पालन करने की कोशिश कर रही है।

हालांकि उपभोक्ताओं का कहना है कि केवल बोर्ड लगाने से समस्या खत्म नहीं होगी।

लोगों ने नियमित गैस सप्लाई और पारदर्शी वितरण व्यवस्था की मांग की है।

कई एजेंसियों के गोदामों पर लगा ताला

शुक्रवार को शहर की कई गैस एजेंसियों के गोदाम बंद मिले। इससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई।

लोगों का कहना है कि गैस की कमी के चलते रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।

प्रशासन हुआ सख्त

गोरखपुर में बढ़ती शिकायतों के बाद प्रशासन

अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि

गैस वितरण में गड़बड़ी या कालाबाजारी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

गोरखपुर में गैस संकट के बीच गंगा गैस एजेंसी पर लगा

33 लाख का जुर्माना बड़ा संदेश माना जा रहा है। प्रशासन की

इस कार्रवाई से अन्य एजेंसियों में भी डर का माहौल है। अब उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि

आने वाले दिनों में गैस वितरण व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा।

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