Swine Flu H1N1 Alert: दिल्ली-NCR समेत देश के कई हिस्सों में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के मामले बढ़ रहे हैं। अचानक तेज बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। IMA ने सावधानी बरतने और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लेने की अपील की है, वहीं ICMR ने कहा है कि देश में कोई नया H1N1 स्ट्रेन नहीं मिला है और घबराने की जरूरत नहीं है
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में इन दिनों इन्फ्लुएंजा A (H1N1), जिसे आमतौर पर स्वाइन फ्लू कहा जाता है, के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बदलते मौसम और मौसमी फ्लू के बीच दिल्ली-NCR समेत कई क्षेत्रों में मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग और अस्पतालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। दिल्ली में हाल के दिनों में H1N1 मामलों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। 27 अगस्त तक राजधानी में कुल H1N1 मामलों की संख्या 2,612 तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है।
दिल्ली में H1N1 मामलों में तेजी, अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश
राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ाई है। केंद्र सरकार की ओर से भी राज्यों को इन्फ्लुएंजा के मामलों की निगरानी बढ़ाने, संक्रमित मरीजों की जल्द पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। अस्पतालों को संभावित मरीजों के इलाज और गंभीर मामलों के प्रबंधन के लिए आवश्यक तैयारियां बनाए रखने को कहा गया है।
दिल्ली में 27 अगस्त तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार एक दिन में 166 नए H1N1 संक्रमण दर्ज किए गए और कुल संख्या 2,612 हो गई। वहीं Influenza-A के कुल मामले 3,300 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
IMA ने जारी की एडवाइजरी, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने H1N1 संक्रमण को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार अचानक तेज बुखार, ठंड लगना, लगातार सूखी खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में बीमारी गंभीर रूप भी ले सकती है।
अगर बुखार और खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या स्थिति लगातार बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से जल्द संपर्क करना जरूरी है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू की जटिलताओं का जोखिम अधिक हो सकता है।
ICMR ने कहा- नए H1N1 स्ट्रेन की पहचान नहीं
H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच लोगों में नए वायरस या नई महामारी को लेकर चिंता भी बढ़ी है। हालांकि, ICMR से जुड़े वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान संक्रमण किसी नए H1N1 स्ट्रेन के कारण नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार देश में फिलहाल वही H1N1 वायरस सर्कुलेट कर रहा है जो पहले से मौजूद है। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
ICMR के अनुसार मौजूदा मौसमी इन्फ्लुएंजा सामान्य तौर पर अधिकांश लोगों में सीमित रहता है और उचित देखभाल, आराम तथा चिकित्सकीय सलाह से मरीज ठीक हो जाते हैं। हालांकि, जोखिम वाले लोगों में संक्रमण गंभीर हो सकता है
एंटीबायोटिक और एंटीवायरल दवाएं खुद से न लें
IMA ने लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवा लेने से बचने की सलाह दी है। वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक सामान्य रूप से प्रभावी नहीं होती और इसका अनावश्यक इस्तेमाल नुकसान पहुंचा सकता है। IMA ने विशेष रूप से एंटीबायोटिक के गलत इस्तेमाल से बचने पर जोर दिया है।
इसलिए बुखार, खांसी या गले में खराश होने पर अपनी तरफ से दवा शुरू करने के बजाय चिकित्सक की सलाह लेना बेहतर है।
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए क्या करें?
H1N1 संक्रमण से बचाव के लिए सामान्य श्वसन स्वच्छता का पालन करना महत्वपूर्ण है।
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें।
हाथों को साबुन से नियमित रूप से धोएं।भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतें।
फ्लू जैसे लक्षण होने पर दूसरों के संपर्क से बचें।
डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवा न लें।
सांस लेने में परेशानी या गंभीर लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें।
अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में संक्रमण नियंत्रण के नियमों का पालन करें।
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने भी श्वसन एवं व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने, भीड़ से बचने और फ्लू जैसे लक्षण होने पर समय पर चिकित्सा सलाह लेने की अपील की है।
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?
स्वाइन फ्लू ज्यादातर मामलों में नियंत्रित हो जाता है, लेकिन कुछ लोगों में इसके गंभीर होने का जोखिम ज्यादा रहता है। इनमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोग शामिल हैं। ऐसे लोगों में बुखार या सांस संबंधी लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
घबराने की नहीं, सावधानी बरतने की जरूरत
देश में H1N1 मामलों में बढ़ोतरी के बावजूद फिलहाल किसी नए H1N1 स्ट्रेन की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए विशेषज्ञों का संदेश साफ है कि लोगों को घबराने के बजाय सावधानी बरतनी चाहिए। स्वास्थ्य विभागों की निगरानी और अस्पतालों की तैयारी के साथ-साथ आम लोगों की जागरूकता भी संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।