महोबा में नीट छात्रा से मिलने पहुंचे कांग्रेस
महोबा में राजनीतिक माहौल गरम
Mahoba में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। पीड़िता से मिलने पहुंचे Ajay Rai अब खुद कानूनी विवादों में घिर गए हैं। भाजपा नेता की शिकायत पर पुलिस ने अजय राय समेत करीब 30 समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
पीड़िता से मिलकर दिया था न्याय का भरोसा
शुक्रवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय महोबा पहुंचे थे, जहां उन्होंने दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पीड़िता को हर संभव मदद का भरोसा दिया और कहा कि न्याय दिलाने के लिए वह किसी भी हद तक जाएंगे।
अजय राय ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव भी किया जाएगा। उन्होंने पीड़िता के लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग भी उठाई।
पीएम मोदी पर टिप्पणी बनी विवाद की वजह
पीड़िता से मुलाकात के बाद लौटते समय अजय राय द्वारा प्रधानमंत्री Narendra Modi पर कथित अमर्यादित टिप्पणी किए जाने का आरोप लगा। इसके बाद मामला और गरमा गया।
भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री का अपमान बताते हुए विरोध जताया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अजय राय, कांग्रेस के निवर्तमान प्रदेश सचिव बृजराज सिंह और लगभग 30 समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
रास्ता जाम करने का भी आरोप
एफआईआर में केवल टिप्पणी ही नहीं बल्कि सड़क जाम करने और शांति व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
एएसपी वंदना सिंह के मुताबिक पुलिस पूरे घटनाक्रम की वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
कांग्रेस ने बताया राजनीतिक दबाव
#कांग्रेस नेताओं ने एफआईआर को राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अजय राय केवल पीड़िता को न्याय दिलाने की आवाज उठा रहे थे और सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था के
मुद्दे पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है।
भाजपा ने साधा निशाना
वहीं भाजपा नेताओं ने अजय राय पर तीखा हमला बोला है। भाजपा का कहना है कि
प्रधानमंत्री पर अभद्र टिप्पणी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जा सकती।
पार्टी नेताओं ने कहा कि राजनीति के नाम पर मर्यादा का उल्लंघन करना गलत है।
सोशल मीडिया पर छाया मामला
यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया है। एक तरफ कांग्रेस समर्थक अजय राय के
समर्थन में पोस्ट कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा समर्थक उनके बयान की आलोचना कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
कानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
नीट छात्रा अपहरण और दुष्कर्म मामले को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विपक्ष लगातार सरकार पर महिला सुरक्षा को लेकर निशाना साध रहा है।
महोबा में पीड़िता से मिलने पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय अब खुद कानूनी विवाद में घिर गए हैं।
पीएम मोदी पर टिप्पणी और रास्ता जाम करने के
आरोपों के बाद दर्ज एफआईआर ने इस मामले को और राजनीतिक बना दिया है।
अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।
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