गीडा बिजली संकट
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली ट्रिपिंग ने उद्योगों की रफ्तार पर बड़ा असर डाल दिया है। उद्यमियों का कहना है कि दिन में 6 से 7 बार बिजली ट्रिप होने के कारण उत्पादन लगभग 30 प्रतिशत तक घट गया है। इससे करीब 800 औद्योगिक इकाइयां प्रभावित हो रही हैं और निर्यात कारोबार पर भी खतरा मंडराने लगा है।
औद्योगिक क्षेत्र में लगातार बाधित हो रही बिजली आपूर्ति के कारण फैक्ट्रियों में मशीनें बार-बार बंद हो रही हैं। इससे उत्पादन लागत बढ़ने के साथ-साथ समय पर ऑर्डर पूरे करना भी मुश्किल होता जा रहा है।
उद्योगों को रोज लाखों का नुकसान
उद्यमियों के अनुसार बिजली की अनियमित आपूर्ति से रोजाना लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। कई फैक्ट्रियों में भारी मशीनरी अचानक बंद होने से तकनीकी खराबियां भी बढ़ रही हैं।
व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द हालात नहीं सुधरे तो निर्यात ऑर्डर प्रभावित हो सकते हैं। कुछ उद्योगपतियों ने चेतावनी दी है कि लगातार बिजली संकट से गोरखपुर के औद्योगिक विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
800 से ज्यादा इकाइयां प्रभावित
गीडा क्षेत्र में छोटे, मध्यम और बड़े स्तर की सैकड़ों फैक्ट्रियां संचालित होती हैं। इनमें प्लास्टिक, पैकेजिंग, खाद्य उत्पाद, इंजीनियरिंग और टेक्सटाइल से जुड़े उद्योग शामिल हैं।
लगातार बिजली ट्रिपिंग के कारण लगभग 800 औद्योगिक इकाइयां प्रभावित बताई जा रही हैं। कई उद्यमियों का कहना है कि बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या लंबे समय से बनी हुई है।
ट्रिपिंग से मशीनों पर पड़ रहा असर
विशेषज्ञों के अनुसार बार-बार बिजली ट्रिप होने से फैक्ट्री मशीनों की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है। अचानक बिजली जाने और आने से मशीनें खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
कई उद्योगों में उत्पादन प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमेटिक होती है, जहां लगातार बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी मानी जाती है। ऐसे में ट्रिपिंग से उत्पादन चक्र बाधित हो रहा है।
निर्यात कारोबार पर भी खतरा
गीडा क्षेत्र की कई इकाइयां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए सामान तैयार करती हैं। उद्यमियों का कहना है कि
यदि समय पर ऑर्डर पूरे नहीं हुए तो विदेशी ग्राहकों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
निर्यात में देरी होने से आर्थिक नुकसान के साथ-साथ गोरखपुर की
औद्योगिक छवि पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
बिजली विभाग क्या कह रहा है?
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
कई स्थानों पर केबल और फीडर सुधारने का कार्य भी चल रहा है।
हालांकि उद्यमियों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और स्थायी समाधान की जरूरत है।
उद्योग संगठनों ने सरकार और बिजली विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
बढ़ती गर्मी से और बिगड़े हालात
गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि
बढ़े हुए लोड की वजह से ट्रिपिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं।
हाल के दिनों में गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी लगातार बिजली ट्रिपिंग और
कटौती की शिकायतें सामने आई हैं। इससे उद्योगों के साथ-साथ आम जनता भी परेशान है।
औद्योगिक विकास पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिर
बिजली आपूर्ति नहीं मिलती है तो नए निवेश प्रभावित हो सकते हैं।
गीडा को पूर्वांचल के बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। ऐसे में बिजली संकट
लंबे समय तक जारी रहने पर रोजगार और औद्योगिक विस्तार दोनों पर असर पड़ सकता है।
गोरखपुर के गीडा औद्योगिक क्षेत्र में लगातार बिजली ट्रिपिंग उद्योगों के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है।
उत्पादन में 30 प्रतिशत गिरावट और 800 इकाइयों के प्रभावित होने से उद्योगपतियों की चिंता बढ़ गई है।
यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो इसका असर गोरखपुर के औद्योगिक विकास,
रोजगार और निर्यात कारोबार पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।
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