ओम प्रकाश राजभर ने सपा-कांग्रेस
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के विशेष सत्र में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है।
राजभर का विपक्ष पर बड़ा हमला
विशेष सत्र को संबोधित करते हुए पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा:
- विपक्ष महिलाओं का विरोध कर रहा है
- कांग्रेस ने लंबे समय तक सत्ता में रहते हुए महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया
- अब जब नरेंद्र मोदी सरकार उन्हें अधिकार देना चाहती है, तो विपक्ष विरोध कर रहा है
“संविधान की बात, लेकिन महिलाओं का विरोध”
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि विपक्ष संविधान की बात तो करता है, लेकिन व्यवहार में महिलाओं के अधिकारों का विरोध करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि:
- सपा ने समाज के विभिन्न वर्गों को धोखा दिया
- केवट, जाट और मल्लाह जैसे समुदायों को भी नजरअंदाज किया गया
- विपक्ष की राजनीति केवल वोट बैंक तक सीमित है
2027 चुनाव को लेकर बड़ा बयान
राजभर ने कहा कि:
- 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता विपक्ष से जवाब मांगेगी
- महिलाओं और पिछड़े वर्गों के मुद्दे चुनाव में निर्णायक होंगे
महिला आरक्षण बना राजनीतिक मुद्दा
इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण अब सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनकर उभरा है:
- भाजपा इसे महिलाओं के अधिकार से जोड़ रही है
- सपा और कांग्रेस सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं
- सदन में तीखी बहस और बयानबाजी जारी है
लगातार गरमाता सियासी माहौल
विशेष सत्र के दौरान:
- सत्ता पक्ष निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी में है
- विपक्ष विरोध प्रदर्शन कर रहा है
- दोनों पक्ष एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का यह विशेष सत्र साफ दिखाता है कि महिला आरक्षण का मुद्दा अब राजनीतिक केंद्र बन चुका है। ओम प्रकाश राजभर के बयान ने इस बहस को और तेज कर दिया है।
आने वाले समय में यह मुद्दा चुनावी राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।
