यूपी विधानमंडल
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के विशेष सत्र में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी तापमान अचानक बढ़ गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “सपाइयों के आचरण को देखकर गिरगिट भी शरमा जाए।”
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र क्यों?
यह विशेष सत्र महिला आरक्षण विधेयक को लेकर बुलाया गया है। समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा संसद में इस मुद्दे पर विरोध के बाद राज्य में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
सत्ता पक्ष की ओर से निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी की गई है, जिससे सत्र और भी गरमाया हुआ नजर आ रहा है।
सीएम योगी का हमला: सपा-कांग्रेस पर तीखा तंज
सत्र की शुरुआत में योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के नाम जनधन खाते खुलवाए
- कोविड के दौरान इन्हीं खातों में आर्थिक मदद पहुंचाई गई
- महिलाओं की गरिमा के लिए देशभर में करोड़ों शौचालय बनवाए गए
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इन योजनाओं का मजाक उड़ाया और महिलाओं के सम्मान के प्रति कभी गंभीर नहीं रहा।
“गिरगिट भी शरमा जाए” बयान पर बढ़ा विवाद
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि उनके व्यवहार को देखकर “गिरगिट भी शरमा जाए।” इस बयान के बाद सियासी माहौल और गर्म हो गया और विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
सदन में हंगामा और नारेबाजी
सत्र शुरू होते ही सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया:
- सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए
- विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी की
- स्थिति को संभालने के लिए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और अन्य वरिष्ठ नेताओं को हस्तक्षेप करना पड़ा
सपा का विरोध प्रदर्शन
विशेष सत्र में पहुंचे समाजवादी पार्टी के विधायकों ने अलग अंदाज में विरोध दर्ज कराया।
- उन्होंने नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाकर प्रदर्शन किया
- महिला आरक्षण विधेयक लागू करने की मांग उठाई
- केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया
राजनीतिक विश्लेषण: क्या है बड़ा संदेश?
विशेषज्ञों का मानना है कि महिला आरक्षण का मुद्दा अब सिर्फ नीति नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक हथियार बन चुका है।
- सत्ता पक्ष इसे उपलब्धियों से जोड़ रहा है
- विपक्ष इसे अधूरे वादों का मुद्दा बना रहा है
- आने वाले चुनावों में यह बड़ा मुद्दा बन सकता है
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का यह विशेष सत्र यह दिखाता है कि महिला आरक्षण का मुद्दा अब राजनीति के केंद्र में आ चुका है। योगी आदित्यनाथ के बयान और विपक्ष के विरोध ने सियासी तापमान को और बढ़ा दिया है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा तूल पकड़ सकता है और राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित कर सकता है।
