बांदा के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। बांदा जिले में गुरुवार सुबह तेज रफ्तार स्कार्पियो इंडेन गैस सिलेंडर से भरे ट्रक में पीछे से जा घुसी। हादसा इतना भयानक था कि स्कार्पियो के एयरबैग खुलने के बावजूद मां-बेटे समेत एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई।
बताया जा रहा है कि हादसे की बड़ी वजह तेज रफ्तार और चालक को आई झपकी बनी। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई।
आजमगढ़ से लौट रहा था परिवार
जानकारी के अनुसार आजमगढ़ से लौट रहा परिवार कबरई जा रहा था। महोबा जिले के कबरई निवासी अजीत विश्वकर्मा अपने परिवार के साथ पैतृक गांव रामगढ़ गए थे। परिवार वहां गोत्र पूजा कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचा था। इसी दौरान छोटी बहन के रिश्ते की बात भी चल रही थी।
कार्यक्रम खत्म होने के बाद परिवार बुधवार देर शाम वापस लौट रहा था। रास्ते में थकान महसूस होने पर प्रयागराज के पास कुछ देर आराम भी किया गया, लेकिन सुबह दोबारा सफर शुरू करने के बाद हादसा हो गया।
झपकी आते ही ट्रक में जा घुसी स्कार्पियो
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा हथौड़ा गांव के पास हुआ। बताया जा रहा है कि लंबे सफर और थकान के कारण चालक अजीत विश्वकर्मा को झपकी आ गई। उसी दौरान तेज रफ्तार स्कार्पियो सामने चल रहे इंडेन गैस सिलेंडर लदे ट्रक में पीछे से जा टकराई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कार्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। एयरबैग खुल गए, लेकिन हादसे की भयावहता इतनी ज्यादा थी कि चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
रील बनाने और हाईस्पीड ड्राइविंग का था शौक
परिजनों और करीबी लोगों के अनुसार अजीत विश्वकर्मा को तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने और सोशल मीडिया के लिए रील बनाने का काफी शौक था। वह अक्सर एक्सप्रेसवे पर तेज गति से गाड़ी चलाते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था।
कुछ दिन पहले उसने फेसबुक पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें स्कार्पियो की स्पीड
171 किलोमीटर प्रति घंटा दिखाई दे रही थी। वीडियो में स्पीडोमीटर की सुई 171 पर पहुंची हुई थी।
करीबियों का कहना है कि परिवार के लोग कई बार उसे तेज रफ्तार से वाहन न
चलाने की सलाह देते थे, लेकिन वह इसे नजरअंदाज कर देता था।
एक्सप्रेसवे पर फिर उठा तेज रफ्तार का मुद्दा
इस हादसे के बाद एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही से
ड्राइविंग को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे सफर के
दौरान थकान और नींद की स्थिति में वाहन चलाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
हाईस्पीड ड्राइविंग और सोशल मीडिया के लिए रील बनाने का बढ़ता क्रेज युवाओं के लिए जानलेवा बनता जा रहा है।
पुलिस और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं।
घायल युवती का इलाज जारी
हादसे में घायल युवती को गंभीर हालत में कानपुर रेफर किया गया है।
डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है।
वहीं पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
हादसे के बाद सोशल मीडिया पर लोग तेज रफ्तार और रील बनाने की संस्कृति को लेकर बहस कर रहे हैं।
कई यूजर्स ने इसे लापरवाही का गंभीर उदाहरण बताया है। लोगों का कहना है कि
कुछ सेकंड की वायरल रील जिंदगीभर का दर्द बन सकती है।
बांदा के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा एक बड़ी चेतावनी है। तेज रफ्तार, थकान और
सोशल मीडिया के लिए जोखिम भरे स्टंट कभी भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। यह दर्दनाक घटना बताती है कि
सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी पूरे परिवार की खुशियां खत्म कर सकती है।
