लखनऊ कैसरबाग सिविल कोर्ट में
गोरखपुर में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन
Gorakhpur में सोमवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध Lucknow के कैसरबाग सिविल कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के खिलाफ किया गया।
बार एसोसिएशन की बैठक में घटना की निंदा
Gorakhpur Bar Association सिविल कोर्ट सभागार में आयोजित साधारण सभा की बैठक में अधिवक्ताओं ने घटना की कड़ी निंदा की। बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन अध्यक्ष उमापति उपाध्याय ने की, जबकि संचालन मंत्री अनुज अस्थाना ने किया।
अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस प्रशासन का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों और न्याय व्यवस्था के खिलाफ है। इस घटना से अधिवक्ता समाज में भारी आक्रोश है।
राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन कमिश्नर को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि—
- दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए
- अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
- पुलिस द्वारा किए गए व्यवहार की निष्पक्ष जांच हो
बड़ी संख्या में पहुंचे अधिवक्ता
सभा में प्रभुदयाल सिंह, डॉ. सुभाष चंद्र शुक्ल, जितेंद्र धर दुबे, शक्ति प्रकाश श्रीवास्तव, शिवकुमार निषाद, अभिषेक सिंह, सुमित मिश्र, अंशुमान पाठक, प्रवीन शुक्ल, रमेश यादव, अमरनाथ कुशवाहा और आशुतोष दूबे समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल रविवार को Kaiserbagh Civil Court परिसर में
नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था।
प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ कथित अवैध चैंबर हटाने पहुंची थी।
इसी दौरान विरोध कर रहे अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पुलिस ने
अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज किया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
अधिवक्ता समाज में नाराजगी
इस घटना के बाद प्रदेशभर के अधिवक्ताओं में नाराजगी का माहौल है। गोरखपुर में न्यायिक कार्य बहिष्कार के जरिए अधिवक्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
