गोरखपुर में बिजली कटौती
30 हजार उपभोक्ताओं की परेशानी के बाद विभाग सख्त
Gorakhpur में बिजली कटौती से परेशान हजारों उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद बिजली विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार रात रुस्तमपुर और लालडिग्गी क्षेत्र में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से करीब 30 हजार उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
XEN और SDO को जारी हुआ नोटिस
बिजली संकट के बाद टाउनहाल डिवीजन के एक्सईएन अंकित कुमार और लालडिग्गी उपखंड के एसडीओ राजेश चौहान को नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने दोनों अधिकारियों से जवाब मांगा है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना क्यों करना पड़ा।
सूत्रों के अनुसार विभागीय अधिकारियों ने मामले की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी है। बिजली विभाग अब लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के मूड में दिखाई दे रहा है।
JE को हटाकर मीटर सेक्शन भेजा गया
मामले में सबसे बड़ी कार्रवाई लालडिग्गी क्षेत्र के जेई संदीप पर हुई है। विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाकर परीक्षण खंड मीटर सेक्शन में भेज दिया है। माना जा रहा है कि लगातार मिल रही शिकायतों और बिजली आपूर्ति व्यवस्था में लापरवाही के कारण यह फैसला लिया गया।
उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ी भारी परेशानी
बुधवार रात बिजली कटौती के कारण रुस्तमपुर और लालडिग्गी इलाके के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों बिजली गुल रहने से
लोग परेशान हो गए। कई इलाकों में पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली कटौती की वजह से रातभर लोग जागते रहे।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
विभाग ने मांगी रिपोर्ट
बिजली विभाग ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों से पूछा गया है कि
फॉल्ट को समय पर ठीक क्यों नहीं किया गया और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए गए।
सूत्रों के मुताबिक विभाग भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए
निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी कर रहा है।
बिजली व्यवस्था सुधारने पर जोर
प्रदेश सरकार और ऊर्जा विभाग लगातार बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दे रहे हैं।
गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ रही है,
ऐसे में विभाग अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दे रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहरों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के लिए
फील्ड स्तर पर जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है।
उपभोक्ताओं ने की सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि बार-बार
बिजली कटौती से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
उन्होंने विभाग से मांग की है कि केवल नोटिस जारी करने के
बजाय स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी न हो।
गोरखपुर में बिजली कटौती के बाद हुई कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि विभाग अब लापरवाही के
मामलों को गंभीरता से ले रहा है। 30 हजार उपभोक्ताओं की परेशानी के बाद अधिकारियों पर
गाज गिरना बिजली व्यवस्था सुधारने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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