महराजगंज में पेड़ पर बैठा तेंदुआ बना चर्चा का विषय
महराजगंज जिले में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब गांव के पास एक ऊंचे पेड़ पर तेंदुआ बैठा दिखाई दिया। जैसे ही लोगों को इसकी जानकारी मिली, मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। कई लोग मोबाइल फोन निकालकर वीडियो और रील बनाने लगे, जबकि कुछ युवक तेंदुए के बेहद करीब पहुंचने की कोशिश करते नजर आए।
देखते ही देखते यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई और सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल होने लगी।
तेंदुए को देखने के लिए उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह के समय ग्रामीणों ने खेतों के पास एक बड़े पेड़ पर किसी जंगली जानवर को बैठे देखा। जब लोग पास पहुंचे तो पता चला कि वह तेंदुआ है। यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई और कुछ ही देर में सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए।
लोगों ने मोबाइल कैमरे से वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। कई युवक सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए रील और सेल्फी बनाते दिखाई दिए। भीड़ लगातार पेड़ के नीचे शोर मचाती रही, जिससे तेंदुआ काफी देर तक पेड़ पर ही बैठा रहा।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तेंदुए की रील
घटना के बाद कई वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल होने लगे। वीडियो में तेंदुआ पेड़ की ऊंची डाल पर बैठा दिखाई दे रहा है, जबकि नीचे लोग शोर मचाते और वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं।
कुछ युवक तेंदुए के बेहद करीब जाकर सेल्फी लेते भी दिखाई दिए। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह जंगली जानवरों के पास जाकर वीडियो बनाना बेहद खतरनाक हो सकता है।
वन विभाग ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने सबसे पहले लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए और भीड़ को हटाने की कोशिश शुरू की।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार तेंदुआ संभवतः जंगल से भटककर आबादी वाले इलाके में पहुंच गया था। भीड़ और शोर की वजह से वह पेड़ पर चढ़ गया। विभाग की टीम लगातार तेंदुए की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
क्यों आबादी वाले इलाकों में पहुंच रहे तेंदुए?
विशेषज्ञों के अनुसार जंगलों का दायरा कम होने, भोजन की कमी और बढ़ती मानव गतिविधियों के कारण
जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों की ओर आ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ वर्षों में तेंदुए दिखाई देने की घटनाएं बढ़ी हैं। खेतों और
गांवों के आसपास गन्ने की फसल होने की वजह से तेंदुए वहां आसानी से छिप जाते हैं।
रील बनाने के चक्कर में लोग डाल रहे जान जोखिम में
सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में लोग अपनी सुरक्षा तक भूलते जा रहे हैं। महराजगंज की
इस घटना में भी कई युवक तेंदुए के बेहद करीब जाकर वीडियो बनाते दिखाई दिए।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तेंदुआ खुद को खतरे में महसूस करे तो
वह अचानक हमला भी कर सकता है। ऐसी स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था।
वन विभाग ने साफ कहा है कि जंगली जानवरों के साथ
किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करना कानूनी अपराध भी हो सकता है।
इलाके में दहशत का माहौल
तेंदुए के दिखाई देने के बाद आसपास के गांवों में डर का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीण बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेज रहे हैं और किसान भी खेतों में जाने से पहले सतर्कता बरत रहे हैं।
वन विभाग की टीम लगातार इलाके में निगरानी कर रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
अधिकारियों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर तेंदुए को रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा।
वन विभाग ने लोगों से की अपील
- तेंदुए के पास जाने की कोशिश न करें
- भीड़ इकट्ठा न करें
- वीडियो या रील बनाने के लिए जान जोखिम में न डालें
- बच्चों को अकेले बाहर न भेजें
- तुरंत वन विभाग को सूचना दें
महराजगंज में पेड़ पर बैठे तेंदुए की घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि
सोशल मीडिया के दौर में लोग वायरल होने के लिए अपनी सुरक्षा तक भूल रहे हैं।
वन विभाग लगातार स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा हुआ है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
फिलहाल तेंदुए की यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
