
पुरानी रंजिश के चलते हुई मारपीट, युवक की मौत
गोरखपुर जिले के सिकरीगंज थाना क्षेत्र स्थित ढखवा गांव में पुरानी जमीनी रंजिश एक बार फिर खूनी संघर्ष में बदल गई। शनिवार शाम हुई कथित मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए 26 वर्षीय पिंटू साहनी की मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन कर दिया है।
टेंपो चालक था मृतक पिंटू साहनी
जानकारी के अनुसार पिंटू साहनी पुत्र लल्लू साहनी गोरखपुर शहर में टेंपो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिवार के लोगों के मुताबिक उसका अपने पट्टीदारों के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। कई बार दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद की स्थिति भी बन चुकी थी। परिजनों का दावा है कि पहले भी कई बार पिंटू के साथ मारपीट की गई थी जिसकी शिकायत पुलिस से की गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
शाम को घर से बुलाकर ले जाया गया
परिवार के अनुसार शनिवार शाम करीब 7 बजे गांव का ही एक युवक पिंटू को अपने साथ लेकर गया था। लगभग एक घंटे बाद वही युवक पिंटू को गंभीर हालत में उसके घर छोड़कर चला गया। परिजनों ने जब उसकी हालत देखी तो वे घबरा गए। घायल पिंटू ने बताया कि गांव के कुछ लोगों और बाहरी युवकों ने मिलकर उसके साथ लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की है।
घायल युवक ने परिजनों को बताए आरोपियों के नाम
परिजनों का कहना है कि घायल अवस्था में पिंटू ने मुकेश, पन्ने, अमरेश, अरविंद, रामबदन सहित कुछ अन्य लोगों के नाम लिए। आरोप है कि सभी लोगों ने मिलकर उसे घेरकर पीटा। परिजनों के मुताबिक हमलावरों में बेलघाट थाना क्षेत्र के ब्रह्मसारी गांव के कुछ युवक भी शामिल थे।
पुलिस को दी गई सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने तत्काल डायल 112 पर फोन कर पुलिस को बुलाया। परिवार का आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने चोटों को सामान्य बताते हुए गंभीरता से नहीं लिया। हालांकि बाद में परिजन स्वयं घायल युवक को अस्पताल लेकर पहुंचे।
कई अस्पतालों से होते हुए मेडिकल कॉलेज पहुंचा युवक
सबसे पहले पिंटू को ढखवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखते हुए उरुवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया। उरुवा में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेज दिया। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की लेकिन देर रात करीब 2:30 बजे इलाज के दौरान पिंटू की मौत हो गई।
मौत के बाद परिजनों में आक्रोश
युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों और ग्रामीणों ने घटना को हत्या बताते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। मृतक के परिवार का आरोप है कि अगर पहले की शिकायतों पर कार्रवाई होती तो आज यह घटना नहीं होती।
पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया है कि पूर्व में हुई मारपीट की घटनाओं की शिकायत सिकरीगंज थाने और क्षेत्राधिकारी स्तर तक की गई थी, लेकिन प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण उचित कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि शिकायत करने के बावजूद उन्हें ही परेशान किया गया, जिससे आरोपियों का मनोबल बढ़ता गया।
गांव में पुलिस बल तैनात
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। दोनों पक्षों के लोगों पर नजर रखी जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
अब इस पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि युवक की मौत किन कारणों से हुई और शरीर पर कितनी गंभीर चोटें थीं। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों और रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
गोरखपुर के ढखवा गांव में हुई यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि छोटे-छोटे जमीनी विवाद किस तरह जानलेवा रूप ले लेते हैं। एक युवा की मौत ने पूरे गांव को तनाव के माहौल में धकेल दिया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला क्षेत्र की चर्चित आपराधिक घटनाओं में शामिल हो सकता है।
