गोरखपुर चिड़ियाघर में ठंड कम होते ही रौनक: रोजाना 7-8 हजार पर्यटक पहुंच रहे, परिवारों का पसंदीदा स्पॉट
गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान (गोरखपुर चिड़ियाघर) में सर्दी की ठंड कम होते ही पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई है। जनवरी-फरवरी के शुरुआती दिनों में ठंड और कोहरे के कारण पर्यटक संख्या 2-3 हजार तक सीमित रहती थी, लेकिन अब फरवरी 2026 में सुहावने मौसम (20-25 डिग्री सेल्सियस) के साथ रोजाना 7 से 8 हजार पर्यटक पहुंच रहे हैं। यह वृद्धि 50% से अधिक है, जिससे चिड़ियाघर पूर्वांचल का प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुका है।
ठंड कम होने और मौसम सुहावना: पर्यटकों का बूम
मौसम में नरमी आने से वन्यजीव भी बाड़ों से बाहर निकल रहे हैं, जिससे देखने में मजा आता है। पर्यटक बताते हैं कि ठंड में जानवर कम सक्रिय रहते थे, लेकिन अब शेर, बाघ, हाथी और बंदर पूरी ऊर्जा से नजर आते हैं। चिड़ियाघर प्रबंधन ने नई सुविधाएं जोड़ी हैं, जैसे बेहतर पार्किंग, फूड कोर्ट, बच्चों के लिए स्विंग जोन और वीकेंड पर स्पेशल शो। नए साल 2026 के पहले दिन ही रिकॉर्ड 18,800 से अधिक पर्यटक आए थे, जो इस उछाल का संकेत देता है।
गोरखपुर जू की प्रमुख आकर्षण और सुविधाएं
32 एकड़ में फैला यह चिड़ियाघर 100 से अधिक प्रजातियों के जानवरों और पक्षियों का घर है। प्रमुख आकर्षण:
- सफेद बाघ का एरिया
- पक्षी उद्यान (बटरफ्लाई हाउस में 30+ प्रजातियां)
- सांप हाउस
- वेटलैंड क्षेत्र (प्रवासी पक्षियों के लिए विशेष, जहां हाल ही में वर्ल्ड वेटलैंड्स डे पर बर्डवॉचिंग हुई)
परिवारों के लिए पिकनिक स्पॉट, बोइस राइड और पर्यावरण जागरूकता के लिए प्लांटेशन ड्राइव चल रही है। स्कूल ग्रुप्स नियमित आते हैं, जहां शिक्षा और मनोरंजन का अनोखा मिश्रण मिलता है। टिकट मात्र 50 रुपये प्रति व्यक्ति है, जो इसे बजट फ्रेंडली बनाता है।
आर्थिक लाभ: स्थानीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट
7-8 हजार दैनिक पर्यटकों से आसपास के होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड वेंडर्स की बिक्री दोगुनी हो गई है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इसे गोरखपुर को पर्यटन हब बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम मानता है। पर्यटक कुशीनगर, रामगढ़ ताल और श्रृंगवेरपुर जैसे नजदीकी स्थलों के साथ चिड़ियाघर को जोड़कर घूम रहे हैं।
प्रबंधन ने ऑनलाइन बुकिंग और सुरक्षा (सीसीटीवी) मजबूत की है। भविष्य में नाइट सफारी की योजना भी है।
पर्यटकों के अनुभव और सुझाव
पर्यटक साफ-सफाई, स्टाफ व्यवहार और प्राकृतिक वातावरण की तारीफ कर रहे हैं।
एक विजिटर ने कहा, “ठंड कम होने पर बच्चे घंटों खेलते रहते हैं, तनाव मुक्त हो जाते हैं।”
कुछ ने पार्किंग बढ़ाने और पानी की बेहतर व्यवस्था का सुझाव दिया है। कुल मिलाकर,
गोरखपुर चिड़ियाघर अब परिवारिक पिकनिक और बच्चों के लिए आदर्श स्थान है।
ठंड कम होने के साथ रौनक लौट आई है—अगर आप पूर्वांचल में हैं, तो गोरखपुर जू जरूर घूमें!