योगी सरकार यूपी हाउसिंग स्कीम 2026: 22 शहरों में 50,000 घर, OTS योजना से लंबित मामलों का समाधान
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2026 को आवास क्रांति का वर्ष बनाने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत प्रदेश के 22 प्रमुख शहरों में नई हाउसिंग स्कीम लॉन्च की जा रही है, जिससे लगभग 50,000 लोगों को किफायती घर मिलने की उम्मीद है। ये स्कीम EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग), LIG (निम्न आय वर्ग) और MIG (मध्यम आय वर्ग) के लिए विशेष रूप से तैयार की गई हैं। वाराणसी, कानपुर, लखनऊ, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, गोरखपुर, मथुरा-वृंदावन जैसे महत्वपूर्ण शहर शामिल हैं।
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना: 22 शहरों में नई आवासीय परियोजनाएं
योगी सरकार ने बजट 2026-27 में मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के लिए 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना से पुराने शहरों पर दबाव कम होगा और नए विकास केंद्र बनेगे। भूमि व्यवस्था लगभग पूरी हो चुकी है, और विकास प्राधिकरण तथा आवास विकास परिषद मिलकर चरणबद्ध तरीके से प्रोजेक्ट लागू करेंगे। सीड कैपिटल मॉडल पर आधारित ये परियोजनाएं सरकारी सहायता और निजी निवेश से तेजी से पूर्ण होंगी।
इसके साथ PM आवास योजना की किश्तें भी जारी हैं, जो गरीब परिवारों को अतिरिक्त सहायता दे रही हैं। निवेशकों को सलाह है कि सरकारी स्कीम में निवेश से पहले प्रोजेक्ट की वैधता जांचें और प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श लें।
OTS-2026: लंबित आवासीय मामलों का एकमुश्त समाधान
योगी सरकार ने वर्षों से अटके आवासीय और व्यावसायिक आवंटनों को सुलझाने के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS-2026) लागू करने के निर्देश दिए हैं। फरवरी 2026 में आवास विभाग की बैठक में
CM योगी ने कहा कि योजना व्यावहारिक, लाभकारी और पारदर्शी होगी।
एकमुश्त भुगतान पर ब्याज-पेनल्टी में भारी छूट मिलेगी, साथ ही किस्तों का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
कोविड काल में रुके OTS-2020 के केसों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे हजारों
आवंटी अपनी संपत्ति पर कब्जा पा सकेंगे, विभाग को राजस्व मिलेगा और आम नागरिकों को राहत मिलेगी।
उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026: पुराने भवनों को नई जिंदगी
योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 लागू कर दी है,
जो 25 वर्ष से पुराने ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और जर्जर भवनों को आधुनिक रूप देगी।
PPP मॉडल पर DPR तैयार होगा, जिसमें नए फ्लैट्स, पार्किंग, कॉमन एरिया और
ट्रांजिट आवास शामिल होगा। प्रभावित निवासियों को वैकल्पिक किराया या आवास दिया जाएगा।
परियोजना 3 साल में पूरी करनी अनिवार्य है। इससे शहरीकरण तेज होगा और निर्माण क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा।
निष्कर्ष: घर का सपना साकार करने की दिशा में बड़ा कदम
योगी सरकार की ये योजनाएं गरीब से मध्यम वर्ग तक सभी को सुरक्षित और किफायती आवास
उपलब्ध कराने का वादा करती हैं। 2026 में उत्तर प्रदेश आवासीय जरूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा।
अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट upavp.in या आवास विभाग से संपर्क करें।