लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय पर बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सियासी बयानबाजी तेज हो गई। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोलते हुए उनके “गिरगिट” वाले बयान का जवाब दिया।
‘असली गिरगिट मुख्यमंत्री खुद’, अखिलेश का बयान
अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद असली गिरगिट हैं, जो राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार अपने बयान बदलते रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “नारी वंदन” जैसे मुद्दों को नारे में बदलकर जनता का ध्यान असली समस्याओं से हटाया जा रहा है।
महिला आरक्षण पर क्या कहा
अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण को लेकर कहा कि यह सभी दलों की सहमति से पारित हुआ था, लेकिन भाजपा इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर पेश कर रही है। उनका आरोप था कि इस मुद्दे का इस्तेमाल केवल प्रचार के लिए किया जा रहा है।
सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
कार्यक्रम में उन्होंने कई अन्य मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।
कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बुलडोजर नीति की आलोचना की
हरदोई और वाराणसी की घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की
स्मार्ट मीटर योजना और गेहूं खरीद में देरी पर चिंता जताई
श्रम कानूनों और अयोध्या मास्टर प्लान में बदलाव को लेकर सवाल उठाए
उनका कहना था कि सरकार अपने करीबी लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नीतियां बना रही है।
बुद्ध पूर्णिमा कार्यक्रम में सामाजिक संदेश
कार्यक्रम में सैकड़ों बौद्ध भिक्षु शामिल हुए और “बुद्धं शरणं गच्छामि” के उद्घोष से माहौल गूंज उठा।
गौतम बुद्ध के विचारों के माध्यम से शांति, समानता और करुणा का संदेश दिया गया।
RSS पर भी टिप्पणी
कुछ वक्ताओं ने RSS पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह संगठन महिलाओं के पक्ष में नहीं रहा है।
वहीं मुलायम सिंह यादव के कार्यों की सराहना भी की गई।
बढ़ती सियासी गर्माहट
इस बयानबाजी से साफ है कि प्रदेश में राजनीतिक माहौल लगातार गर्म हो रहा है।
विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक मंच के साथ-साथ राजनीतिक बहस को भी तेज कर दिया।
आने वाले समय में यह बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
