गोरखपुर में एंटी नारकोटिक्स टास्क
रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एएनटीएफ की बड़ी कार्रवाई
गोरखपुर में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को बड़ी सफलता मिली है। रेलवे स्टेशन क्षेत्र के पास की गई कार्रवाई में तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से 770 ग्राम हाइड्रोपोनिक OG गांजा और एक कार बरामद की गई है। बरामद मादक पदार्थ की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है।
थाईलैंड से जुड़ा बताया जा रहा है कनेक्शन
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद हाइड्रोपोनिक OG गांजा विदेशी मूल का है और इसका संबंध थाईलैंड से जुड़ी तस्करी श्रृंखला से हो सकता है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह प्रतिबंधित पदार्थ किन रास्तों से गोरखपुर तक पहुंचा और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
बिहार और गोरखपुर से जुड़े हैं आरोपी
कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों का संबंध बिहार और गोरखपुर से बताया जा रहा है। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना है। जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्क सूत्रों और आर्थिक लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं।
क्या होता है हाइड्रोपोनिक OG गांजा?
हाइड्रोपोनिक OG गांजा सामान्य गांजे की तुलना में अधिक महंगा और उच्च गुणवत्ता वाला माना जाता है। इसे विशेष तकनीक से नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है। इसकी मांग महानगरों और उच्च आय वर्ग के उपभोक्ताओं के बीच अधिक बताई जाती है। इसी कारण इसकी कीमत सामान्य गांजे की तुलना में कई गुना ज्यादा होती है।
युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना
जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह नशीला पदार्थ युवाओं और हाई-प्रोफाइल ग्राहकों तक पहुंचाने की तैयारी थी। हाल के महीनों में उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हाइड्रोपोनिक गांजे की तस्करी के मामले सामने आए हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
कार भी की गई जब्त
तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार को भी जब्त कर लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि वाहन का
उपयोग नशीले पदार्थ की सप्लाई और नेटवर्क संचालन में किया जा रहा था। वाहन की जांच के
साथ-साथ उसके रजिस्ट्रेशन और उपयोग के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी एजेंसियां
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस और एएनटीएफ अब पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का
प्रयास कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि नशीले पदार्थ की
आपूर्ति कहां से हुई और इसकी डिलीवरी
किन लोगों तक की जानी थी। मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
गोरखपुर में बढ़ी सतर्कता
$गोरखपुर नेपाल सीमा के नजदीक होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही सतर्क रहती हैं।
हाल के वर्षों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए कई विशेष अभियान चलाए गए हैं।
इस कार्रवाई को भी नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में 770 ग्राम विदेशी हाइड्रोपोनिक OG गांजा की बरामदगी और तीन
तस्करों की गिरफ्तारी ने एक बार फिर नशा तस्करी के बढ़ते नेटवर्क की ओर ध्यान खींचा है।
जांच एजेंसियां पूरे गिरोह का पता लगाने में जुटी हैं।
यदि जांच में बड़े खुलासे होते हैं तो यह मामला पूर्वांचल के
चर्चित ड्रग तस्करी मामलों में शामिल हो सकता है।
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