कानपुर में खाकी बनाम सेना: ITBP जवानों ने घेरा पुलिस कमिश्नर ऑफिस, जवान की मां का हाथ काटने के मामले में बढ़ा विवाद

कानपुर में शनिवार को उस समय बड़ा हंगामा खड़ा हो गया जब आईटीबीपी के करीब 100 जवानों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव कर दिया। मामला आईटीबीपी जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी का इलाज के दौरान हाथ काटे जाने से जुड़ा है। जवानों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के डॉक्टरों को बचाने की कोशिश की जा रही है और जांच रिपोर्ट स्पष्ट नहीं दी जा रही।

डॉक्टरों को बचाने का आरोप

जानकारी के अनुसार आईटीबीपी जवान विकास सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी मां निर्मला देवी का इलाज के दौरान हाथ काटना पड़ा, लेकिन मामले में अस्पताल और डॉक्टरों की भूमिका पर स्पष्ट कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने सीएमओ पर भी डॉक्टरों को बचाने का आरोप लगाया।

जवानों का कहना है कि जांच रिपोर्ट पारदर्शी तरीके से सामने नहीं लाई जा रही, जिससे परिवार और सुरक्षा बल के जवानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

100 जवानों ने किया कमिश्नर कार्यालय का घेराव

शनिवार सुबह करीब 11:15 बजे आईटीबीपी के करीब 100 जवान पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। जवानों ने कार्यालय परिसर का घेराव कर अधिकारियों से मुलाकात की मांग की। मौके पर आईटीबीपी की 15 से अधिक गाड़ियां और ट्रक भी मौजूद रहे।

इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण नजर आया और बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया।

पुलिस कमिश्नर से हुई मुलाकात

आईटीबीपी जवानों ने रघुबीर लाल और अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था डॉ. विपिन कुमार ताडा से मुलाकात की। जवानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

सीएमओ कार्यालय भी पहुंचे जवान

पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद आईटीबीपी की पांच से छह गाड़ियां सीएमओ कार्यालय की ओर रवाना हुईं।

बताया जा रहा है कि जवान सीएमओ से सीधे जवाब मांगने पहुंचे थे।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया।

शहर में चर्चा का विषय बना मामला

कानपुर में यह मामला “खाकी बनाम सेना” के रूप में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर भी लोग

इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स जवानों के समर्थन में पोस्ट साझा कर रहे हैं।

अस्पताल की भूमिका पर उठ रहे सवाल

घटना के बाद संबंधित अस्पताल और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि

यदि इलाज में लापरवाही हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में

इतनी बड़ी संख्या में आईटीबीपी जवानों के पहुंचने के बाद

पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया।

अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी की।

कानपुर में आईटीबीपी जवान की मां का हाथ कटने के मामले ने

अब बड़ा प्रशासनिक और संवेदनशील रूप ले लिया है।

जवानों का आक्रोश और पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव यह दिखाता है कि मामले को लेकर गंभीर नाराजगी है।

अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

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