Gorakhpur University
गोरखपुर विश्वविद्यालय में हुई अहम बैठक
Gorakhpur स्थित Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University में संत कबीर अकादमी की शोध विकास समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति Prof. Poonam Tandon ने की।
इस दौरान मगहर से Varanasi तक “कबीर परिपथ” विकसित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्णय लिया गया। इस योजना का उद्देश्य संत कबीर के जीवन, दर्शन और विचारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है।
मगहर से वाराणसी तक होगा कबीर पथ का चिह्नांकन
बैठक में सहमति बनी कि संत कबीर से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़ते हुए मगहर से वाराणसी तक विशेष “कबीर परिपथ” विकसित किया जाएगा।
इसके लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाएगा, जिसमें कबीर से जुड़े ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का चिह्नांकन किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
‘पंचामृत’ योजना के तहत होगा प्रचार-प्रसार
बैठक में संत कबीर के दर्शन और मानवतावादी विचारों को दुनिया भर में पहुंचाने के लिए “पंचामृत” योजना पर चर्चा हुई।
निर्णय लिया गया कि कबीर दर्शन पर गहन शोध को बढ़ावा देने के लिए आठ शोधार्थियों को फेलोशिप दी जाएगी। इनमें चार जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) और चार सीनियर रिसर्च फेलो (SRF) शामिल होंगे।
‘कबीर पंचामृत’ नाम से निकलेगी शोध पत्रिका
संत कबीर अकादमी की शोध पत्रिका का नाम “कबीर पंचामृत” रखने पर भी सहमति बनी।
यह पत्रिका त्रैमासिक रूप से प्रकाशित की जाएगी, जिसमें कबीर दर्शन,
साहित्य और सामाजिक विचारों पर शोध लेख प्रकाशित होंगे।
विभिन्न विभागों में होंगी विशेष कार्यशालाएं
बैठक में विश्वविद्यालय के अलग-अलग विभागों द्वारा विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
Sanskrit विभाग “नाथपंथ” विषय पर कार्यशाला आयोजित करेगा, जबकि इतिहास विभाग
“कबीर दर्शन” पर कार्यक्रम करेगा। वहीं ललित कला विभाग भी विशेष कार्यशालाओं का आयोजन करेगा।
बच्चों तक पहुंचेंगे कबीर के विचार
संत कबीर के मानवतावादी और सामाजिक विचारों को स्कूलों के
माध्यम से बच्चों तक पहुंचाने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि कबीर के संदेश आज के समाज में
सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
दीक्षांत समारोह में हो सकता है विशेष कार्यक्रम
बैठक में प्रसिद्ध कलाकार Shekhar Sen के विशेष कार्यक्रम का प्रस्ताव भी रखा गया।
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान आयोजित किया जा सकता है।
वैश्विक स्तर पर पहुंचेगा कबीर दर्शन
प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि “पंचामृत” योजना के जरिए संत कबीर के विचारों और
दर्शन को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में अकादमी के निदेशक अतुल द्विवेदी समेत कई शिक्षकों और विशेषज्ञों ने अपने सुझाव दिए।
