आगरा में बकरीद
ईदगाह के बाहर उठी अनोखी मांग ने सबको चौंकाया
उत्तर प्रदेश के आगरा में बकरीद के मौके पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। ईदगाह के बाहर आयोजित मुस्लिम महापंचायत में बड़ी संख्या में लोगों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई। इस दौरान कई मुस्लिम संगठनों और धर्मगुरुओं ने कहा कि देश में गाय को सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
बकरीद के दिन मुस्लिम महापंचायत बनी चर्चा का केंद्र
बकरीद के मौके पर आयोजित इस महापंचायत में लोगों ने सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश देने की बात कही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गाय को लेकर देश में लंबे समय से विवाद और राजनीति होती रही है, इसलिए अब केंद्र सरकार को इसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर विचार करना चाहिए।
मुस्लिम संगठनों ने सरकार से की बड़ी अपील
कई मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाता है तो इससे पूरे देश में एक समान कानून लागू करने में मदद मिल सकती है। कुछ संगठनों का यह भी कहना था कि इससे गाय के नाम पर होने वाले विवाद और हिंसा को रोकने में सहायता मिलेगी।
“गाय हमारी संस्कृति और सम्मान का हिस्सा”
महापंचायत में मौजूद कई वक्ताओं ने कहा कि भारत में गाय केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग समुदायों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और इसी भावना के तहत यह मांग उठाई गई है।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ मामला
आगरा की इस मुस्लिम महापंचायत का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग इस पहल को अलग नजरिए से देख रहे हैं और कई यूजर्स इसे हिंदू-मुस्लिम एकता से जोड़कर भी चर्चा कर रहे हैं।
वहीं कुछ लोग इसे आगामी चुनावी राजनीति से भी जोड़कर देख रहे हैं।
कई राज्यों में पहले भी उठ चुकी है ऐसी मांग
हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से भी
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग सामने आती रही है।
अजमेर दरगाह से जुड़े कुछ धर्मगुरुओं ने भी हाल ही में ऐसी मांग का समर्थन किया था।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बढ़ी चर्चा
बकरीद के दिन आगरा में उठी इस मांग के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में
राष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बन सकता है। हालांकि सरकार की ओर से
इस मांग पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भाईचारे और संवाद का संदेश देने की कोशिश
महापंचायत में शामिल लोगों का कहना था कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं
बल्कि समाज में भाईचारा और आपसी सम्मान बढ़ाना है।
आयोजकों ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की।
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