युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से लिया संन्यास, टेस्ट डेब्यू का सपना रह गया अधूरा

भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। चहल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि सफेद गेंद के क्रिकेट से उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है और वह वनडे तथा टी20 क्रिकेट में भारत के लिए दोबारा खेलने का प्रयास जारी रखेंगे।

17 साल के रेड-बॉल करियर का हुआ अंत

युजवेंद्र चहल ने 2009 में हरियाणा के लिए फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में पदार्पण किया था। करीब 17 साल के रेड-बॉल करियर में उन्होंने 49 फर्स्ट-क्लास मैच खेले और कुल 148 विकेट अपने नाम किए। उनका फर्स्ट-क्लास गेंदबाजी औसत 32.27 रहा।

चहल ने अपने करियर के दौरान घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट भी खेला। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में उनका आखिरी मुकाबला नॉर्थम्पटनशायर की ओर से लॉर्ड्स में मिडिलसेक्स के खिलाफ रहा।

टेस्ट क्रिकेट खेलने का सपना नहीं हुआ पूरा

चहल ने अपने संन्यास संदेश में टेस्ट क्रिकेट खेलने के सपने का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि रेड-बॉल क्रिकेट से उनका रिश्ता बचपन से रहा है और टेस्ट कैप हासिल करना उनके लंबे समय से चले आ रहे सपनों में शामिल था।

हालांकि, उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में खेलने का अवसर नहीं मिला। चहल ने अपने संदेश में इस अधूरे सपने को स्वीकार करते हुए कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट से उन्हें अपने करियर की कई महत्वपूर्ण सीख और यादें मिलीं।

लॉर्ड्स में खेला आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच

चहल का अंतिम फर्स्ट-क्लास मुकाबला लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर हुआ। उन्होंने नॉर्थम्पटनशायर के लिए मिडिलसेक्स के खिलाफ काउंटी चैंपियनशिप डिविजन-2 में मुकाबला खेला।

इस मैच में चहल ने गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में 2 विकेट लिए। उनका यह मुकाबला रेड-बॉल क्रिकेट में उनके करियर का आखिरी मैच साबित हुआ।

‘मैं अभी खत्म नहीं हुआ हूं’

फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद चहल ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर उम्मीद नहीं छोड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह वनडे और टी20 क्रिकेट में खेलने के लिए प्रयास करते रहेंगे।

चहल ने अपने संदेश में कहा कि देश के लिए खेलने की उनकी इच्छा अभी भी मजबूत है और उन्हें लगता है कि उनके अंदर क्रिकेट बाकी है। वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारतीय टीम में एक और मौका हासिल करने के लिए पूरी कोशिश करना चाहते हैं।

भारत के लिए ऐसा रहा चहल का रिकॉर्ड

चहल ने भारत के लिए 72 वनडे और 80 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं।

उनके नाम वनडे में 121 और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 96 विकेट दर्ज हैं।

उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला अगस्त 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 मैच था।

इसके बाद से चहल भारतीय टीम से बाहर हैं, लेकिन घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में उनका सफर जारी रहा है।

फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में यादगार आंकड़े

चहल ने 49 फर्स्ट-क्लास मैचों में 148 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ घरेलू रेड-बॉल

प्रदर्शन 2016-17 रणजी ट्रॉफी सत्र में देखने को मिला, जब उन्होंने सात मैचों में 33 विकेट हासिल किए थे।

अब फर्स्ट-क्लास क्रिकेट से संन्यास के बाद चहल का ध्यान मुख्य रूप से सीमित ओवरों के क्रिकेट पर रहेगा।

सफेद गेंद के क्रिकेट में वापसी पर नजर

चहल ने अपने संन्यास संदेश में यह स्पष्ट किया है कि वह क्रिकेट से पूरी तरह दूर नहीं हो रहे हैं।

उनका लक्ष्य वनडे और टी20 क्रिकेट में

सक्रिय रहना और भारतीय टीम में वापसी के लिए प्रयास करना है।

इस तरह चहल ने रेड-बॉल क्रिकेट के एक अध्याय को समाप्त कर दिया है,

लेकिन सफेद गेंद के क्रिकेट में उनका सफर जारी है।

FAQ

Q1. युजवेंद्र चहल ने किस क्रिकेट से संन्यास लिया है?
युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट-क्लास यानी रेड-बॉल क्रिकेट से संन्यास लिया है।

Q2. चहल ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में कितने विकेट लिए?
उन्होंने 49 फर्स्ट-क्लास मैचों में 148 विकेट हासिल किए।

Q3. क्या चहल ने भारत के लिए टेस्ट मैच खेला है?
नहीं। चहल को भारतीय टेस्ट टीम में खेलने का मौका नहीं मिला।

Q4. चहल का आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच कहां हुआ था?
उनका आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच नॉर्थम्पटनशायर की ओर से लॉर्ड्स में मिडिलसेक्स के खिलाफ हुआ।

Q5. क्या चहल वनडे और टी20 क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे?
हां। चहल ने स्पष्ट किया है कि वह वनडे और टी20 क्रिकेट में भारत के लिए

दोबारा खेलने का अवसर हासिल करने के लिए प्रयास जारी रखेंगे।

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