योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश में आवासीय संकट को दूर करने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया है, जिसमें मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत 22 प्रमुख शहरों में नई हाउसिंग स्कीम लॉन्च की जाएंगी। इन शहरों में वाराणसी, कानपुर, मथुरा-वृंदावन, गोरखपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, मेरठ, आगरा जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। इस योजना से लगभग 50,000 लोगों को किफायती आवास मिलने की उम्मीद है, जो EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग), LIG (निम्न आय वर्ग) और MIG (मध्यम आय वर्ग) के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई हैं। सीड कैपिटल मॉडल के जरिए ये प्रोजेक्ट सरकारी सहायता और निजी निवेश पर आधारित होंगे, जिससे तेजी से निर्माण कार्य पूरा हो सकेगा।
इसके साथ ही, वर्षों से लंबित आवासीय और व्यावसायिक मामलों को निपटाने के लिए ओटीएस-2026 (एकमुश्त समाधान योजना-2026) को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की बैठक में स्पष्ट कहा कि लंबित देयों और विवादों का समाधान मानवीय, न्यायसंगत और पारदर्शी तरीके से हो। एकमुश्त भुगतान पर छूट और किस्तों का विकल्प उपलब्ध होगा, जिससे हजारों आवंटी अपनी संपत्ति पर कब्जा पा सकेंगे। कोविड काल में रुके ओटीएस-2020 के केसों को भी प्राथमिकता मिलेगी। यह योजना न केवल आम नागरिकों को राहत देगी, बल्कि विभाग को राजस्व भी प्रदान करेगी।
योगी सरकार की उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-
2026 भी एक क्रांतिकारी कदम है, जो 25 वर्ष से पुराने ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को आधुनिक रूप देगी। पुराने जर्जर भवनों को सुरक्षित, सुविधायुक्त और आधुनिक फ्लैट्स में बदला जाएगा। पीपीपी मॉडल (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत डीपीआर तैयार किया जाएगा, जिसमें नए फ्लैट्स का कारपेट एरिया, पार्किंग, कॉमन एरिया और ट्रांजिट आवास की व्यवस्था शामिल होगी। पुनर्विकास के दौरान प्रभावित निवासियों को वैकल्पिक किराया या आवास दिया जाएगा। इससे न केवल शहरीकरण को गति मिलेगी, बल्कि रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
योजनाएं उत्तर प्रदेश के शहरी विकास को नई दिशा देंगी।
नए साल से चरणबद्ध तरीके से लॉन्च होने वाली हाउसिंग स्कीम्स में भूमि व्यवस्था लगभग पूरी हो चुकी है। विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद मिलकर इन्हें लागू करेंगे। निवेशकों के लिए सलाह है कि सरकारी स्कीम में निवेश से पहले सावधानियां बरतें, जैसे प्रोजेक्ट की वैधता जांचें और प्रमाणित विशेषज्ञों से सलाह लें। योगी सरकार का यह प्लान गरीब से मध्यम वर्ग तक सभी को घर उपलब्ध कराने का वादा करता है। पीएम आवास योजना की किश्तों का भी हालिया वितरण इसका हिस्सा है। कुल मिलाकर, 2026 में यूपी आवासीय जरूरतें पूरी करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।