यूपी विधानमंडल बजट सत्र 2026
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार यानी आज से शुरू हो गया। सत्र से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बात की। उन्होंने सरकार का एजेंडा बताया। सत्ता और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी तैयारी के साथ सत्र में पहुंचे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान विपक्षी विधायकों ने जमकर हंगामा किया। सपा विधायकों ने ‘गो बैक गो बैक’ के नारे लगाए, जिससे सदन में तनावपूर्ण माहौल रहा। राज्यपाल ने हंगामे के बावजूद अपना भाषण जारी रखा और सरकार की उपलब्धियों का बखान किया।
बजट सत्र की शुरुआत और राज्यपाल का अभिभाषण
विधानमंडल का बजट सत्र राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से शुरू हुआ। अभिभाषण में उन्होंने सरकार की नीतियों और विकास योजनाओं का जिक्र किया। राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में छह करोड़ लोगों को गरीबी से मुक्ति मिली है। पिछले एक साल में कई उपलब्धियां हासिल हुई हैं। अभिभाषण लगभग 30 मिनट चला, जिसमें विपक्ष की नारेबाजी के बीच उन्होंने शांति से पढ़ा। सत्र कुल 10 दिनों का प्रस्तावित है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। इसके बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
विपक्ष का हंगामा और ‘गो बैक’ नारे
सपा और अन्य विपक्षी विधायकों ने राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध किया। सदन में ‘गो बैक गो बैक’ और अन्य नारे लगाए गए। सपा विधायकों ने पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार प्रदर्शन किया। विधानसभा परिसर में भी विरोध प्रदर्शन हुआ। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर), कानून व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बनाई थी। हालांकि सर्वदलीय बैठक में सदन सुचारू रूप से चलाने पर सहमति बनी थी, लेकिन अभिभाषण के दौरान हंगामा हुआ। पल्लवी पटेल जैसे कुछ विधायक प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए।
सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया
सत्र से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि विधानमंडल बातचीत से काम करती है, कार्यवाही में रुकावट डालकर नहीं। योगी ने बताया कि पहली बार उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण सदन में प्रस्तुत होगा।
सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है।
उन्होंने बजट सत्र को लोकतंत्र का अहम स्तंभ बताया। सीएम योगी ने राज्यपाल से मुलाकात भी की।
बजट सत्र के प्रमुख एजेंडे और अपेक्षाएं
यह बजट सत्र योगी सरकार के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें अधूरे वादों को पूरा करने, महिलाओं,
किसानों, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नए ऐलान होने की संभावना है।
विपक्ष एसआईआर, अमेरिका से व्यापार समझौते और
कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरेगा। सत्र 19 फरवरी तक चलेगा।
यह बजट सत्र उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। विपक्ष के हंगामे और सरकार की तैयारियां
दोनों तरफ से तीखी बहस की उम्मीद है।
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