UP: कृषि मंत्री बोले- सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी नंबर वन है, राज्यों को कृषि की विविधता पर ध्यान देना होगा

Uttar Pradesh में आयोजित कृषि सम्मेलन के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि Yogi Adityanath के नेतृत्व में यूपी कृषि के क्षेत्र में “नंबर वन” बन चुका है और लगातार प्रगति कर रहा है।

कृषि में यूपी की उपलब्धियां

मंत्री के अनुसार:

  • खाद्यान्न उत्पादन में यूपी देश में शीर्ष पर है
  • राज्य ने उत्पादन और निर्यात दोनों में बढ़त बनाई है
  • कृषि क्षेत्र में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है

उन्होंने कहा कि यूपी ने कृषि के क्षेत्र में नया इतिहास रचा है।

राज्यों के लिए अहम संदेश

Shivraj Singh Chouhan ने कहा कि भारत की जलवायु विविध है, इसलिए:

  • हर राज्य को अपनी रणनीति बनानी होगी
  • अलग-अलग जोन के हिसाब से खेती करनी होगी
  • स्थानीय जरूरतों के अनुसार कृषि मॉडल अपनाना होगा

तीन बड़े लक्ष्य

कृषि विकास के लिए तीन मुख्य बिंदु तय किए गए:

  • खाद्य सुरक्षा
  • किसान की आजीविका
  • पोषण सुरक्षा

इन लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ने की जरूरत बताई गई।

कृषि विविधीकरण पर जोर

मंत्री ने कहा कि केवल खाद्यान्न उत्पादन ही नहीं, बल्कि विविधीकरण भी जरूरी है:

  • फसलों की विविधता बढ़ानी होगी
  • मिट्टी की सेहत पर ध्यान देना होगा
  • रासायनिक खाद के संतुलित उपयोग की जरूरत

उन्होंने पंजाब के उदाहरण से सीख लेने की बात कही, जहां अधिक खाद उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हुई है।

बीज और तकनीक पर फोकस

  • जलवायु के अनुसार बेहतर बीज उपलब्ध कराना जरूरी
  • वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई किस्मों का उपयोग
  • कम बारिश जैसी परिस्थितियों के लिए तैयारी

नकली खाद और कीटनाशकों पर सख्ती

सरकार नकली खाद और पेस्टीसाइड के खिलाफ सख्त कानून बनाने की दिशा में काम कर रही है। राज्यों से अपील की गई है कि इस पर अभियान चलाएं और किसानों को सुरक्षित खेती का माहौल दें।

भविष्य की योजना

  • हर राज्य का कृषि रोडमैप तैयार किया जाएगा
  • फॉर्मर रजिस्ट्री पर काम तेज किया जाएगा
  • किसान क्रेडिट कार्ड को बढ़ावा दिया जाएगा
  • खरीफ और रबी के साथ दीर्घकालीन योजना बनाई जाएगी

Uttar Pradesh में कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलाव और उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि सही नेतृत्व और रणनीति से बड़ा परिवर्तन संभव है। Shivraj Singh Chouhan के बयान ने यह साफ कर दिया है कि अब कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे टिकाऊ और विविध बनाकर भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकसित किया जाएगा।