Hanumant Katha Prayagraj : बाबा बागेश्वर बोले- हनुमान जी की तरह विरोधियों के खिलाफ बजाना होगा डंका

Prayagraj के संगम नगरी के अरैल क्षेत्र में आयोजित राष्ट्र हनुमंत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा के तीसरे दिन Dhirendra Krishna Shastri ने सुंदरकांड का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कई सामाजिक और आध्यात्मिक संदेश दिए।

कथा में क्या बोले बाबा बागेश्वर

Dhirendra Krishna Shastri ने कहा कि हनुमान जी का स्वभाव यह सिखाता है कि जो भगवान राम का विरोधी है, वह उनके लिए भी शत्रु समान है। उन्होंने यह भी कहा कि आज का मनुष्य अपने मूल मार्ग से भटक गया है और उसे सही दिशा में लौटने की जरूरत है।

जीवन के मूल सिद्धांतों पर जोर

कथा के दौरान उन्होंने कहा:

  • अगर मूल में गलती होगी तो जीवन में संतुलन नहीं रहेगा
  • भक्ति और सही मार्ग ही सफलता का आधार है
  • व्यक्ति को अपने उद्देश्य से भटकना नहीं चाहिए

विरोधियों पर कड़ा संदेश

उन्होंने आह्वान किया कि जैसे हनुमान जी ने लंका में डंका बजाया था, वैसे ही आज के समय में भी सत्य और धर्म के लिए आवाज उठानी चाहिए। उनके इस बयान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच उत्साह बढ़ाया।

दिव्य दरबार और भक्ति माहौल

कथा से पहले शाम 4 बजे से 7 बजे तक दिव्य दरबार आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए भक्तों की अर्जियां सुनी गईं।

  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • राजस्थान

से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु

प्रसिद्ध भजन गायक Hansraj Raghuwanshi ने अपनी प्रस्तुति से माहौल भक्तिमय बना दिया। उनके शिव भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा पंडाल भक्ति में डूब गया।

आयोजन की जानकारी

कार्यक्रम का आयोजन प्रयाग उत्थान समिति द्वारा किया गया, जिसमें मुख्य संयोजक डॉ.

उदय प्रताप सिंह ने अतिथियों का सम्मान किया और आयोजन को सफल बनाया।

Prayagraj में आयोजित यह हनुमंत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और

आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश भी लेकर आई। Dhirendra Krishna Shastri के विचारों ने श्रद्धालुओं को धर्म,

भक्ति और जीवन के मूल्यों पर विचार करने के लिए प्रेरित किया।