प्रतापगढ़ में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबने से तीन सगे भाई-बहनों की मौत

उत्तर प्रदेश के Pratapgarh जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सोमवार को तालाब में नहाने गए तीन सगे भाई-बहनों की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है।

घटना का पूरा विवरण

यह हादसा कंधई थाना क्षेत्र के शाल्हीपुर कंजास गांव में हुआ। गांव निवासी विजय बहादुर यादव के तीन बच्चे—रानी (12 वर्ष), मोहित (8 वर्ष) और रोहित (5 वर्ष)—घर के सामने बने तालाब में नहाने के लिए गए थे।

बताया जा रहा है कि सोमवार को जब तीनों बच्चे तालाब में उतरे तो कुछ ही देर में गहरे पानी में चले गए और बाहर नहीं निकल सके। काफी देर तक जब बच्चे नजर नहीं आए तो परिवार के लोगों ने खोजबीन शुरू की, जिसके बाद यह दुखद घटना सामने आई।

परिवार की स्थिति

मृतक बच्चों के पिता विजय बहादुर यादव लकवाग्रस्त हैं और गांव में भीख मांगकर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण करते हैं। मां मजदूरी करके घर चलाती है।

घटना के समय मां घर के अंदर बच्चों के लिए भोजन बना रही थी, जबकि बच्चे बाहर तालाब में नहाने चले गए थे।

परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर बताई जा रही है।

परिवार में कुल चार बच्चे थे, जिनमें से तीन की इस हादसे में मौत हो गई,

जबकि सबसे छोटा बच्चा अभी मात्र आठ महीने का है।

गांव में मातम

घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। एक ही परिवार के

तीन बच्चों की एक साथ मौत से हर कोई स्तब्ध है।

ग्रामीणों की आंखें नम हैं और परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।

शिक्षा से दूरी

बताया गया कि आर्थिक तंगी के कारण बच्चों का नाम गांव के प्राथमिक विद्यालय में तो दर्ज था,

लेकिन वे नियमित रूप से स्कूल नहीं जाते थे।

प्रशासन और सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर गांवों में जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर किया है।

खुले तालाबों के पास सुरक्षा के उपाय न होने के कारण इस तरह के हादसे अक्सर सामने आते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता और

निगरानी बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।

प्रतापगढ़ की यह घटना बेहद दर्दनाक है, जिसने एक गरीब परिवार से उनके

तीन मासूम बच्चों को छीन लिया। यह हादसा न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए

एक चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्कता बरतनी होगी।