कुशीनगर में राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा की केंद्रीय कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें संगठन के विस्तार और आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन को लेकर बड़े निर्णय लिए गए। यह बैठक 19 अप्रैल 2026 को बर्मी बुद्ध विहार, कसया में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता Chandrika Prasad Bharti ने की।
बैठक का आयोजन और संचालन
बैठक का शुभारंभ बौद्ध परंपरा के अनुसार त्रिशरण और पंचशील के साथ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Ram Nagina Bauddh रहे। बैठक का संचालन Suresh Prasad Bauddh ने किया।
अध्यक्षीय संबोधन में पूर्व बैठक की कार्यवाही को पढ़कर सुनाया गया, जिसे सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया।

संगठन को मजबूत करने पर जोर
बैठक में मौजूद पदाधिकारियों और वक्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। सदस्यता अभियान को तेज करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा गया कि प्रत्येक प्रदेश और जिले में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना जरूरी है।
प्रदेश अध्यक्ष आनंद कुमार सुमन ने कहा कि चौथे राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले सदस्यता अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जाना चाहिए, ताकि संगठन की ताकत और प्रभाव बढ़ सके।
मुख्य अतिथि का संबोधन
मुख्य अतिथि Ram Nagina Bauddh ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब के सपनों का भारत तभी साकार होगा जब समाज के लोग एकजुट होकर उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाएंगे। उन्होंने तथागत बुद्ध की विचारधारा को अपनाने और समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

राष्ट्रीय अधिवेशन की घोषणा
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा के
चौथे राष्ट्रीय अधिवेशन को लेकर लिया गया।
Chandrika Prasad Bharti ने
घोषणा की कि 12 और 13 सितंबर 2026 को दो दिवसीय
राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन बर्मी बुद्ध विहार, कसया कुशीनगर में किया जाएगा।
इस अधिवेशन में देशभर से 400 से 500 प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख लोग
बैठक में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से
जालिम प्रसाद, अविनाश प्रताप प्रजापति (एडवोकेट), पुरुषोत्तम कुमार बौद्ध,
अभिमन्यु कुमार पासवान, रामजतन, ज्ञानमती, ध्रुव कुमार, दीपेंद्र कुमार पासवान,
दिनेश कुमार, बजरंगी प्रसाद सहित कई अन्य सदस्य शामिल रहे।
राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा की इस केंद्रीय बैठक में संगठन को मजबूत बनाने और राष्ट्रीय स्तर पर
विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन को लेकर तैयारियां
तेज करने का आह्वान किया गया, जो संगठन के लिए एक नई ऊर्जा का संचार करेगा।
