गोरखपुर के बड़हलगंज क्षेत्र में
बाढ़ और कटान से राहत की दिशा में पहल
उत्तर प्रदेश के Gorakhpur जिले के बड़हलगंज/चिल्लूपार क्षेत्र में सरयू नदी की कटान से लंबे समय से जूझ रहे कछारांचल के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब नदी के कटान को रोकने और बाढ़ से सुरक्षा के लिए 21 करोड़ रुपये की लागत से महत्वपूर्ण परियोजना शुरू की गई है।
किन इलाकों को मिलेगा फायदा?
इस परियोजना से ज्ञानकोल, पटना, कोलखास, दिस्तौलिया, बगहा देवार, नेतवार पट्टी समेत राम-जानकी मार्ग के आसपास के कई गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। ये सभी इलाके हर साल बाढ़ और कटान की समस्या से प्रभावित होते रहे हैं।
कैसे होगा कटान पर नियंत्रण?
परियोजना के तहत आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा:
- 1300 मीटर लंबाई में बोल्डर पिचिंग
- जियो ट्यूब और जियो बैग की स्थापना
- 38 ठोकर (स्पर) का निर्माण
इन उपायों से नदी के बहाव को नियंत्रित कर कटान को रोका जाएगा और तटबंधों को मजबूत किया जाएगा।
परियोजना का शुभारंभ
रविवार को विधिवत पूजन-अर्चन के साथ स्थानीय विधायक राजेश त्रिपाठी ने कार्य का शुभारंभ किया। इस मौके पर सिंचाई विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों की उम्मीदें
कछार क्षेत्र के लोगों ने इस योजना का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अगर यह परियोजना सही तरीके से पूरी होती है, तो हर साल होने वाले नुकसान से काफी हद तक राहत मिलेगी।
प्रशासन और विभाग की भूमिका
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना क्षेत्र में स्थायी समाधान की
दिशा में एक बड़ा कदम है। काम को तय समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है
ताकि बाढ़ के मौसम से पहले सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
क्यों जरूरी है यह प्रोजेक्ट?
सरयू नदी का कटान हर साल खेतों, घरों और सड़कों को नुकसान पहुंचाता है।
इससे लोगों का जीवन और आजीविका दोनों
प्रभावित होते हैं। ऐसे में यह परियोजना न केवल सुरक्षा बल्कि विकास के लिए भी अहम मानी जा रही है।
Gorakhpur के कछारांचल में शुरू हुआ यह बाढ़ सुरक्षा प्रोजेक्ट लोगों के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आया है।
अगर यह योजना सफल रही, तो आने वाले समय में क्षेत्र को
कटान और बाढ़ से स्थायी राहत मिल सकती है।
