उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस और आम लोगों को हैरान कर दिया। कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल कर लोगों से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपित ने लोगों के बीच दहशत पैदा करने के लिए बिश्नोई गैंग का नाम लिया और करोड़ों रुपये वसूलने की कोशिश की।
धमकी भरे पत्र भेजकर मांगी रंगदारी
पुलिस के अनुसार आरोपित ने अलीगढ़ के कई लोगों को धमकी भरे पत्र भेजे। इन पत्रों में खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताकर भारी रकम की मांग की गई। इतना ही नहीं, रकम नकद नहीं बल्कि क्रिप्टोकरेंसी के रूप में मांगी गई ताकि उसकी पहचान छिपी रहे।
2 करोड़ रुपये की थी मांग
जांच में सामने आया कि अलग-अलग लोगों से कुल करीब 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। धमकी मिलने के बाद पीड़ितों में डर का माहौल बन गया और उन्होंने पुलिस से शिकायत की। शिकायत मिलते ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं।
पुलिस जांच में खुला पूरा खेल
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपित तक पहुंच बनाई। जांच में खुलासा हुआ कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम केवल लोगों को डराने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।
AMU कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में लिपिक पद पर कार्यरत था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उसने सुनियोजित तरीके से
यह साजिश रची थी और लोगों को डराकर धन वसूलने की कोशिश कर रहा था।
क्रिप्टोकरेंसी के जरिए वसूली की योजना
आरोपित ने रंगदारी की रकम क्रिप्टोकरेंसी में मांगी थी, जिससे लेनदेन का पता लगाना
मुश्किल हो सके। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि अपराधी अब आधुनिक तकनीकों का
इस्तेमाल कर नए तरीके से अपराध करने की कोशिश कर रहे हैं।
बढ़ती साइबर और संगठित अपराध की चुनौती
यह मामला बताता है कि अपराधी अब केवल हथियारों के बल पर
नहीं बल्कि डिजिटल माध्यमों और चर्चित नामों का
इस्तेमाल करके भी लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि
किसी भी धमकी या संदिग्ध संदेश की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
अलीगढ़ में लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर रंगदारी मांगने का
यह मामला अपराधियों की नई रणनीति को उजागर करता है।
पुलिस की सतर्कता से बड़ा फर्जीवाड़ा समय रहते सामने आ गया। अब जांच एजेंसियां
यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपित अकेला था या उसके साथ कोई और भी शामिल था।
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