गोरखपुर जिला कारागार से दुष्कर्म का आरोपी फरार: पेड़ पर चढ़कर फांदी जेल की दीवार, जेल प्रशासन में मचा हड़कंप

गोरखपुर जिला कारागार से दुष्कर्म का आरोपी फरार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिला कारागार से दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के एक आरोपी के फरार होने की घटना ने जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी ने जेल परिसर में मौजूद एक पेड़ का सहारा लेकर ऊंची सुरक्षा दीवार तक पहुंचने का प्रयास किया और वहां से बाहर निकलने में सफल हो गया। हालांकि फरार होने के सटीक तरीके की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया और पुलिस को अलर्ट जारी किया गया। आरोपी की तलाश के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया है तथा जिले और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

पेड़ के सहारे दीवार पार करने की आशंका

प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि आरोपी ने जेल परिसर में मौजूद पेड़ पर चढ़कर सुरक्षा दीवार तक पहुंचने का रास्ता बनाया। इसके बाद उसने दीवार फांदकर जेल परिसर से बाहर निकलने का प्रयास किया।

हालांकि पुलिस और जेल प्रशासन ने कहा है कि फरारी के पूरे घटनाक्रम की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्ष साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही की जाएगी।

सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं

घटना के बाद जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि आरोपी किस समय और किस रास्ते से जेल से बाहर निकला।

इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक या किसी कर्मचारी की लापरवाही तो इस घटना की वजह नहीं बनी।

पुलिस ने जिलेभर में जारी किया अलर्ट

आरोपी के फरार होने की सूचना मिलते ही गोरखपुर पुलिस ने जिले के प्रमुख मार्गों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर चेकिंग अभियान शुरू कर दिया।

आसपास के जनपदों को भी अलर्ट जारी किया गया है ताकि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरे अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

जेल प्रशासन ने शुरू की विभागीय जांच

जेल प्रशासन ने पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो

संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही जेल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है

ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई बंदी पेड़ के सहारे सुरक्षा दीवार तक पहुंच सकता है, तो

जेल परिसर की संरचना और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक है।

विशेषज्ञों के अनुसार नियमित सुरक्षा ऑडिट, संवेदनशील स्थानों की निगरानी और

जेल परिसर में मौजूद ऐसे पेड़ों या संरचनाओं का मूल्यांकन किया जाना चाहिए जिनका दुरुपयोग किया जा सकता है।

आरोपी की तलाश के लिए अभियान जारी

पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। तकनीकी निगरानी,

स्थानीय खुफिया तंत्र और अन्य माध्यमों से आरोपी की तलाश की जा रही है।

अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि आरोपी के संबंध में

कोई जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें और स्वयं किसी प्रकार का जोखिम न उठाएं।

निष्कर्ष

गोरखपुर जिला कारागार से पॉक्सो आरोपी के फरार होने की घटना सुरक्षा व्यवस्था के लिए

गंभीर चुनौती बनकर सामने आई है। पुलिस और जेल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं तथा

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही

यह स्पष्ट हो सकेगा कि फरारी कैसे हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

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