लखनऊ में
लखनऊ में आगामी पर्वों और संवेदनशील आयोजनों को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। राजधानी में 21 मई से 19 जुलाई तक 60 दिनों के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
इस दौरान बड़े मंगल, मोहर्रम और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति जुलूस, धरना-प्रदर्शन और ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
किन गतिविधियों पर लगी रोक?
जारी आदेश के अनुसार राजधानी के कई संवेदनशील इलाकों में विशेष प्रतिबंध लगाए गए हैं। विधान भवन और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्रॉली, घोड़ा गाड़ी, ज्वलनशील पदार्थ, गैस सिलिंडर और हथियार लेकर प्रवेश पर रोक रहेगी।
इसके अलावा लालबत्ती चौराहा, बंदरिया बाग, गोल्फ क्लब, पार्क रोड, सिविल अस्पताल, अटल चौक और कैसरबाग जैसे प्रमुख इलाकों में धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेंगे।
लोकभवन, मुख्यमंत्री आवास, विधान भवन और सरकारी कार्यालयों के आसपास ड्रोन उड़ाने और वीडियो शूटिंग पर भी सख्त रोक लगाई गई है।
बड़े मंगल और मोहर्रम को लेकर सख्ती
प्रशासन ने साफ किया है कि बड़े मंगल के भंडारे और मोहर्रम के जुलूस के आयोजन के लिए अनुमति लेना जरूरी होगा। बिना अनुमति किसी भी प्रकार के सार्वजनिक आयोजन की इजाजत नहीं दी जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान भारी भीड़ और
संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
पुलिस और प्रशासन लगातार निगरानी रखेंगे ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले।
सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की नजर
प्रशासन ने सोशल मीडिया को लेकर भी सख्त चेतावनी जारी की है। भड़काऊ पोस्ट,
अफवाह और सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया ग्रुप के एडमिन को भी जिम्मेदार माना जाएगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना साझा न करें।
सुरक्षा व्यवस्था की गई मजबूत
लखनऊ पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की तैयारी शुरू कर दी है।
सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन मॉनिटरिंग और सोशल मीडिया
ट्रैकिंग के जरिए कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि निषेधाज्ञा का उद्देश्य आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और
त्योहारों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है।
आम लोगों से की गई अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का
पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।
धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के लिए पहले से अनुमति लेने की सलाह दी गई है।
यदि कोई व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
लखनऊ में 21 मई से 19 जुलाई तक लागू निषेधाज्ञा को आगामी पर्वों और सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से
महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बड़े मंगल और मोहर्रम
जैसे आयोजनों के लिए अनुमति अनिवार्य कर प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि
कानून व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
अब राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
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