बरसात में कबाड़ की दुकान बनी मुसीबत, घरों में घुस रहे सांप, दुर्गंध से जीना हुआ मुश्किल

उरुवा के पहाड़पुर गांव में सड़क किनारे फैले कबाड़ से बढ़ी परेशानी, ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

गोरखपुर जनपद के उरुवा विकास खंड की ग्राम पंचायत पहाड़पुर में बरसात के मौसम ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव के मुख्य मार्ग पर रिहायशी मकानों के बीच संचालित एक कबाड़ की दुकान से पूरे इलाके का वातावरण प्रभावित हो रहा है। सड़क की पटरी पर खुले में पड़े कबाड़ में बारिश का पानी भरने से जलभराव, सड़न और तेज दुर्गंध फैल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे न केवल आसपास का माहौल खराब हो गया है, बल्कि मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ गया है।

चार वर्षों से बनी हुई है समस्या

ग्रामीणों के अनुसार यह कबाड़ की दुकान पिछले लगभग चार वर्षों से संचालित हो रही है। दुकान का अधिकांश कबाड़ सड़क की पटरी और खुले स्थान पर रखा गया है। बरसात के दौरान कबाड़ में पानी भर जाने से सड़न पैदा हो जाती है और पूरे क्षेत्र में दिनभर बदबू बनी रहती है। लोगों का कहना है कि दुर्गंध के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया है तथा बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

कबाड़ के ढेर बने सांप और जहरीले कीड़ों का ठिकाना

स्थानीय निवासियों का कहना है कि कबाड़ के ढेर जहरीले सांपों और अन्य कीड़े-मकोड़ों के सुरक्षित ठिकाने बन गए हैं। बरसात के दौरान कई बार सांप घरों में घुस जाते हैं, जिससे हर समय किसी अप्रिय घटना का डर बना रहता है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवारों में चिंता बढ़ गई है।

मच्छरों से बढ़ा डेंगू और मलेरिया का खतरा

ग्रामीणों का आरोप है कि कबाड़ में जमा गंदा पानी मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बन गया है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो नियमित फॉगिंग कराई गई और न ही कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया गया।

शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप

स्थानीय निवासी संत राज, अजमल, आसिफ और भानू का कहना है कि उन्होंने कई बार स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कबाड़ नहीं हटाया गया तो क्षेत्र में बीमारी फैलने और किसी गंभीर हादसे की आशंका बनी रहेगी।

ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने रखीं प्रमुख मांगें

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क की पटरी पर फैले कबाड़ को तत्काल हटवाया जाए। साथ ही रिहायशी क्षेत्र की नियमित सफाई, मच्छरों की रोकथाम के लिए फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए। उनका कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

स्वच्छ वातावरण और जनसुरक्षा की जरूरत

बरसात के मौसम में जलभराव और खुले में पड़े कबाड़ से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं। यदि समय रहते सफाई, जलनिकासी और मच्छर नियंत्रण जैसे उपाय किए जाएं तो कई संभावित बीमारियों और दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द इस समस्या का समाधान करेगा।

निष्कर्ष

गोरखपुर के पहाड़पुर गांव में कबाड़ की दुकान से उत्पन्न जलभराव, दुर्गंध, मच्छरों और

जहरीले सांपों की समस्या स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग कब तक प्रभावी कदम उठाता है।

FAQ

Q1. यह मामला कहां का है?

उत्तर: यह मामला गोरखपुर जिले के उरुवा विकास खंड की ग्राम पंचायत पहाड़पुर का है।

Q2. ग्रामीणों की मुख्य शिकायत क्या है?

उत्तर: रिहायशी क्षेत्र में संचालित कबाड़ की दुकान से जलभराव, दुर्गंध, मच्छरों और सांपों की समस्या बढ़ने की शिकायत है।

Q3. ग्रामीणों ने किन बीमारियों का खतरा बताया है?

उत्तर: ग्रामीणों ने डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जताई है।

Q4. ग्रामीणों ने प्रशासन से क्या मांग की है?

उत्तर: कबाड़ हटाने, सफाई कराने, नियमित फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराने की मांग की है।

Q5. कितने समय से यह समस्या बनी हुई है?

उत्तर: ग्रामीणों के अनुसार यह समस्या पिछले लगभग चार वर्षों से बनी हुई है।

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