भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के आजीवन सदस्य कॉमरेड शंभू शरण तिवारी नहीं रहे, क्षेत्र में शोक की लहर

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

लंबी बीमारी के बाद पैतृक आवास पर हुआ निधन

गोरखपुर जनपद के गोला तहसील क्षेत्र अंतर्गत उरुवा थाना के ग्राम परसा निवासी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के आजीवन सदस्य एवं वरिष्ठ कॉमरेड शंभू शरण तिवारी का सोमवार को उनके पैतृक आवास पर 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

सरयू तट मुक्तिधाम पर पूरे सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

मंगलवार को गोला उपनगर स्थित सरयू तट मुक्तिधाम पर पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े पुत्र जयराम तिवारी ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। अंतिम यात्रा में गांव, क्षेत्र और आसपास के सैकड़ों लोग शामिल हुए तथा नम आंखों से अपने प्रिय कॉमरेड को अंतिम विदाई दी।

शोकसभा में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

अंत्येष्टि के बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुक्तिधाम परिसर में शोकसभा आयोजित की। इस दौरान दिवंगत कॉमरेड शंभू शरण तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके सम्मान में पार्टी का लाल झंडा झुकाया गया तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।

किसानों, मजदूरों और गरीबों की आवाज थे कॉमरेड तिवारी

शोकसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कॉमरेड शंभू शरण तिवारी ने अपना संपूर्ण जीवन किसानों, मजदूरों और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया। वे सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के प्रतीक थे। वक्ताओं ने कहा कि उनके विचार और संघर्ष नई पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।

कई वरिष्ठ नेता और ग्रामीण रहे उपस्थित

श्रद्धांजलि सभा में प्रमुख रूप से कॉमरेड सुरेश राय, रामसेवक शुक्ला, उदय प्रताप सिंह, वीरेंद्र यादव, राम बृक्ष यादव, जयप्रकाश राय, जगदीश पांडेय,

आशीष सिंह और रामसावर यादव सहित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के

अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता, समर्थक एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत नेता के

व्यक्तित्व और जनसेवा को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।

जनसेवा और संघर्ष की विरासत छोड़ गए

कॉमरेड शंभू शरण तिवारी का जीवन सामाजिक न्याय, जनहित और संगठन के

प्रति समर्पण का उदाहरण माना जाता है। उन्होंने वर्षों तक आम लोगों के

अधिकारों की आवाज बुलंद की और समाज के कमजोर वर्गों के लिए संघर्ष किया।

उनके निधन से क्षेत्र ने एक अनुभवी सामाजिक एवं राजनीतिक व्यक्तित्व को खो दिया है।

निष्कर्ष

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता कॉमरेड शंभू शरण तिवारी का निधन गोरखपुर और

आसपास के क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनका संघर्षपूर्ण जीवन, सादगी और जनसेवा का

भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। शोकसभा में

मौजूद लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प भी दोहराया।

FAQ

Q1. कॉमरेड शंभू शरण तिवारी कौन थे?

उत्तर: वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के आजीवन सदस्य एवं वरिष्ठ सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता थे।

Q2. उनका निधन कब और कहाँ हुआ?

उत्तर: उनका निधन सोमवार को गोरखपुर के उरुवा थाना क्षेत्र के ग्राम परसा स्थित उनके पैतृक आवास पर 85 वर्ष की आयु में हुआ।

Q3. अंतिम संस्कार कहाँ किया गया?

उत्तर: गोला उपनगर स्थित सरयू तट मुक्तिधाम पर पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

Q4. शोकसभा में क्या हुआ?

उत्तर: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित की, दो मिनट का मौन रखा और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

Q5. कॉमरेड तिवारी को किस लिए याद किया जाएगा?

उत्तर: किसानों, मजदूरों और गरीबों के अधिकारों के लिए उनके संघर्ष, सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।

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