अयोध्या में हनुमान जयंती के पावन अवसर पर राम मंदिर परिसर स्थित हनुमान मंदिर में भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरे परिसर में धार्मिक उत्साह, भक्ति और जयकारों का माहौल देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर के शिखर पर विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवा ध्वज फहराया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे विनय कटियार
इस विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के वरिष्ठ नेता और बजरंग दल के पूर्व संयोजक विनय कटियार मौजूद रहे। उन्होंने वैदिक विधि-विधान के अनुसार ध्वज आरोहण किया।
उनके साथ बजरंग दल के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और संगठन से जुड़े अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उनकी सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और विशेष बना दिया।
साधु-संतों और कार्यकर्ताओं की रही बड़ी भागीदारी
हनुमान जयंती के इस आयोजन में बड़ी संख्या में साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
करीब 50 से अधिक साधु-संत और 50 से अधिक बजरंग दल के कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसके अलावा लगभग 200 विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने इस धार्मिक आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।
पूरे परिसर में गूंजे जय श्रीराम के नारे
ध्वजारोहण के दौरान मंदिर परिसर में जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
श्रद्धालुओं में गहरा उत्साह और आस्था देखने को मिली।
पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा और लोगों ने पूरे उत्साह के साथ इस आयोजन में भाग लिया।
राम मंदिर परिसर में चल रही ध्वजारोहण श्रृंखला
राम मंदिर परिसर में स्थित विभिन्न उप मंदिरों में इन दिनों ध्वजारोहण कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी है।
इसी क्रम में हनुमान जयंती के अवसर पर हनुमान मंदिर में यह विशेष आयोजन संपन्न हुआ।
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में अन्य उप मंदिरों में भी
इसी तरह के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
धार्मिक आस्था और संस्कृति का संगम
यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भारतीय संस्कृति,
परंपरा और आस्था का भी प्रतीक बना।
वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न इस कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
श्रद्धालुओं में दिखा खास उत्साह
हनुमान जयंती के इस अवसर पर दूर-दूर से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे और इस कार्यक्रम के साक्षी बने।
लोगों ने पूजा-अर्चना कर अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की।
इस आयोजन ने अयोध्या के धार्मिक महत्व को और भी बढ़ा दिया है।
हनुमान जयंती पर अयोध्या में आयोजित यह ध्वजारोहण कार्यक्रम आस्था, श्रद्धा और संस्कृति का अनूठा उदाहरण रहा।
इसने न केवल भक्तों के मन में भक्ति की भावना को मजबूत किया, बल्कि धार्मिक परंपराओं को भी जीवंत बनाए रखा।