गोरखपुर में यूपी STF की बड़ी कार्रवाई,
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गोरखपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये के इनामी अपराधी मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू को मुठभेड़ में मार गिराया। सोमवार देर रात कुशीनगर रोड पर रामनगर करजहा के पास हुई इस मुठभेड़ में आरोपी ने STF टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। गोली लगने से आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में STF का एक हेड कांस्टेबल भी घायल हुआ है, जिसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस कार्रवाई को प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
20 साल का आपराधिक इतिहास, हत्या से लेकर पुलिस हिरासत से फरारी तक,
पुलिस के अनुसार मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू आजमगढ़ जिले के मेहनगर थाना क्षेत्र के खुंदनपुर गांव का रहने वाला था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश, धमकी, चोरी और अन्य गंभीर अपराधों के करीब 10 मुकदमे दर्ज थे। उसका आपराधिक इतिहास वर्ष 2003 से शुरू हुआ था और वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बचता आ रहा था।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक कई हत्या के मामलों में उसके खिलाफ अदालत से कुर्की और गिरफ्तारी की कार्रवाई भी चल रही थी। वर्ष 2024 में वह महाराष्ट्र के अमरावती जिले में पुलिस हिरासत से फरार हो गया था, जिसके बाद से कई राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। उत्तर प्रदेश पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
कैसे हुई मुठभेड़,
STF को सूचना मिली थी कि मुस्तफिजुल रहमान मोटरसाइकिल से गोरखपुर-कुशीनगर मार्ग की ओर आने वाला है। सूचना के आधार पर टीम ने रामनगर करजहा के पास घेराबंदी कर जांच अभियान शुरू किया। जैसे ही पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, आरोपी ने पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी।
इसके बाद STF ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ के दौरान STF के हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह भी गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है। मौके से पुलिस ने .32 बोर की पिस्टल, मोटरसाइकिल तथा बड़ी संख्या में जिंदा और खोखा कारतूस बरामद किए हैं।
प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ जारी है सख्त अभियान,
यूपी STF लगातार ऐसे अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही है जिन पर हत्या, डकैती, रंगदारी और संगठित अपराध के गंभीर आरोप हैं। हाल के महीनों में कई इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है या मुठभेड़ के दौरान ढेर किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियानों को आगे भी जारी रखा जाएगा।
ADG कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि मुस्तफिजुल रहमान लंबे समय से फरार था और कई मामलों में वांछित चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। STF को मिली खुफिया सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और बरामद हथियारों की भी जांच होगी।
स्थानीय लोगों में राहत,
मुठभेड़ की खबर सामने आने के बाद आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का माहौल रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से फरार और गंभीर मामलों में वांछित अपराधी के मारे जाने से लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस का कहना है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
घटना के मुख्य बिंदु,
- गोरखपुर-कुशीनगर मार्ग पर रामनगर करजहा के पास मुठभेड़।
- एक लाख का इनामी अपराधी मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू मारा गया।
- आरोपी पर यूपी और महाराष्ट्र में 10 गंभीर मुकदमे दर्ज थे।
- वर्ष 2024 में महाराष्ट्र पुलिस की हिरासत से फरार हो गया था।
- मुठभेड़ में STF का एक हेड कांस्टेबल घायल हुआ।
- मौके से पिस्टल, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद की गई।
- पुलिस ने कानूनी कार्रवाई और जांच शुरू कर दी है।
FAQ,
1. मुठभेड़ कहां हुई?
गोरखपुर-कुशीनगर मार्ग पर रामनगर करजहा के पास यूपी STF और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई।
2. मारे गए आरोपी का नाम क्या था?
आरोपी का नाम मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू था, जिस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
3. आरोपी पर कितने मुकदमे दर्ज थे?
उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में हत्या सहित लगभग 10 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
4. क्या STF का कोई जवान भी घायल हुआ?
हाँ, मुठभेड़ के दौरान STF के हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह घायल हुए, जिनकी हालत स्थिर है।
5. आरोपी का सबसे चर्चित मामला क्या था?
वर्ष 2024 में वह महाराष्ट्र के अमरावती जिले में पुलिस हिरासत से फरार हो गया था,
जिसके बाद कई राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी
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