
गोरखपुर में नाबालिग किशोरी के लापता होने से मचा हड़कंप
गोरखपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया गया है। किशोरी की मां की शिकायत पर पुलिस ने एक नामजद आरोपी सहित अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और सभी तथ्यों की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किशोरी की तलाश के लिए पुलिस टीम सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है।
पीड़िता की मां ने लगाए गंभीर आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गगहा थाना क्षेत्र के ग्राम मंजुरी, पोस्ट नेवादा निवासी रेनू देवी, पत्नी संजीव कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी लगभग 16 वर्षीय पुत्री 26 जून की शाम करीब चार बजे घर से लापता हो गई।
शिकायत के अनुसार, गोला थाना क्षेत्र के घोड़ालोटन निवासी छोटू यादव उर्फ देवानंद, पुत्र शम्भू यादव, उनकी बेटी को कथित रूप से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बेटी की तलाश में आरोपी के घर पहुंचे परिजन
पीड़िता की मां के अनुसार, जब काफी देर तक उनकी बेटी घर वापस नहीं लौटी तो परिवार के लोगों ने रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में उसकी तलाश शुरू की।
काफी खोजबीन के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर उन्हें आरोपी युवक पर संदेह हुआ। इसके बाद वह अपने पति और ननद के साथ आरोपी के घर पहुंचीं और बेटी के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया।
शिकायत के अनुसार, इसी दौरान वहां विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
जातिसूचक गालियां और धमकी देने का आरोप
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि आरोपी, उसके परिवार के सदस्यों तथा अन्य लोगों ने परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार किया।
पीड़िता की मां का आरोप है कि उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया और विरोध करने पर जान से मारने तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
गोला थाना पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 352 और 351(3) के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(द) एवं 3(1)(ध) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
किशोरी की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि नाबालिग किशोरी की सकुशल बरामदगी प्राथमिकता है।
इसके लिए संभावित स्थानों पर लगातार तलाश की जा रही है।
साथ ही नामजद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है। अधिकारियों के अनुसार
उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
साक्ष्यों के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी।
जांच के दौरान जो भी तथ्य, साक्ष्य और बयान सामने आएंगे, उनके आधार पर
आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि मामले का
अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
निष्कर्ष
गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र में सामने आया यह मामला नाबालिग किशोरी के कथित रूप से लापता होने और
परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार के आरोपों से जुड़ा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर
मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल किशोरी की तलाश और आरोपों की जांच जारी है।
मामले में अंतिम स्थिति पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
FAQ
प्रश्न 1: मामला कहां का है?
यह मामला गोरखपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र से संबंधित है।
प्रश्न 2: पुलिस ने किन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 352, 351(3) तथा
SC/ST Act की धारा 3(1)(द) और 3(1)(ध) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
प्रश्न 3: परिजनों ने क्या आरोप लगाए हैं?
परिजनों ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने, जातिसूचक
गालियां देने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
प्रश्न 4: पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की जा रही है?
पुलिस मामले की जांच कर रही है, किशोरी की तलाश जारी है और आरोपी
की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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