अमर उजाला स्टिंग में बड़ा खुलासा: कोडवर्ड से हो रही पेट्रोल-डीजल की सप्लाई, कई राज्यों में फैला नेटवर्क

वेस्ट यूपी से हरियाणा और उत्तराखंड तक फैला तेल माफिया नेटवर्क

Amar Ujala के स्टिंग ऑपरेशन में पेट्रोल और डीजल की अवैध सप्लाई से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर हरियाणा और उत्तराखंड तक तेल माफिया सक्रिय हैं और कोडवर्ड के जरिए नकली व अवैध तेल की सप्लाई कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि गिरोह के सदस्य सिर्फ एक फोन कॉल पर ड्रमों में पेट्रोल और डीजल की होम डिलीवरी देने का दावा कर रहे हैं। इस पूरे नेटवर्क को बेहद गुप्त तरीके से संचालित किया जा रहा है।

‘माल क्लियर, पानी अमीर’ जैसे कोडवर्ड का इस्तेमाल

स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया कि अवैध तेल कारोबार में कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है। “माल क्लियर” और “पानी अमीर” जैसे शब्दों के जरिए तेल की क्वालिटी और सप्लाई से जुड़ी बातचीत होती है।

गिरोह के सदस्य बिना पहचान वाले किसी व्यक्ति से सीधे बातचीत नहीं करते। पहले पहचान की पुष्टि की जाती है और उसके बाद ही डील आगे बढ़ाई जाती है।

घर बैठे मंगाया जा रहा पेट्रोल और डीजल

पड़ताल में यह भी सामने आया कि तेल माफिया घर बैठे पेट्रोल और डीजल की सप्लाई देने का दावा कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार 1500 रुपये भाड़ा और प्रति लीटर एक रुपये अतिरिक्त लेकर किसी भी जिले और राज्य में तेल पहुंचाया जा रहा है।

यह सप्लाई ड्रमों और अन्य कंटेनरों के जरिए की जाती है। अवैध तरीके से ईंधन की इस सप्लाई ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

नकली और मिलावटी तेल का भी खेल

स्टिंग में यह भी दावा किया गया है कि कई जगहों पर मिलावटी तेल तैयार किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार नकली और मिलावटी डीजल-पेट्रोल वाहनों के इंजन को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।

इसके अलावा ऐसे ईंधन से प्रदूषण भी बढ़ता है और कई बार आग जैसी दुर्घटनाओं का खतरा भी रहता है।

कैराना, मेरठ और बहालगढ़ से जुड़ा नेटवर्क

रिपोर्ट के मुताबिक कैराना, मेरठ और हरियाणा के बहालगढ़ इलाके के तस्करों का गठजोड़ इस अवैध कारोबार को चला रहा है।

गिरोह के सदस्य हरियाणा, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार सप्लाई देने का दावा कर रहे हैं।

बढ़ती तेल कीमतों के बीच सक्रिय हुए माफिया

विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर तेल उत्पादों की कीमतें बढ़ने के बाद अवैध तेल कारोबार में तेजी आई है।

महंगे पेट्रोल और डीजल का फायदा उठाकर तेल माफिया सस्ते और मिलावटी ईंधन की सप्लाई कर रहे हैं।

इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ रहा है।

प्रशासन और एजेंसियों पर उठे सवाल

इतना बड़ा नेटवर्क सामने आने के बाद प्रशासन और संबंधित

एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि

आखिर इतने बड़े स्तर पर अवैध तेल सप्लाई का कारोबार कैसे चल रहा था।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह नेटवर्क और ज्यादा फैल सकता है।

लोगों के लिए क्यों खतरनाक है मिलावटी तेल?

  • वाहन के इंजन को नुकसान पहुंच सकता है
  • माइलेज कम हो सकता है
  • आग लगने का खतरा बढ़ता है
  • प्रदूषण में बढ़ोतरी होती है
  • वाहन की लाइफ कम हो सकती है

विशेषज्ञों ने लोगों को केवल अधिकृत पेट्रोल पंपों से ही ईंधन लेने की सलाह दी है।

जांच एजेंसियां कर सकती हैं बड़ी कार्रवाई

स्टिंग ऑपरेशन सामने आने के बाद अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस और प्रशासन इस पूरे नेटवर्क की जांच कर सकते हैं और कई जिलों में छापेमारी हो सकती है।

यदि आरोप सही पाए गए तो तेल माफिया के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

अमर उजाला के स्टिंग ऑपरेशन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में फैले अवैध तेल कारोबार की बड़ी

तस्वीर सामने ला दी है। कोडवर्ड के जरिए घर बैठे पेट्रोल-डीजल सप्लाई और मिलावटी तेल के इस नेटवर्क ने

प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई और

इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ होने वाले अगले कदम पर बनी हुई है

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