बीजलभाई का शव भारत पहुंचा, अश्विन की रिहाई का इंतजार

गिर सोमनाथ, गुजरात | 1 अक्टूबर 2026

गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के मछुआरे बीजलभाई भालिया की पाकिस्तान की जेल में मौत के बाद उनका शव करीब तीन सप्ताह बाद भारत भेजा गया। वहीं उनके बेटे अश्विन की सजा चार साल पहले पूरी होने के बावजूद वह अब भी पाकिस्तान की जेल में बंद हैं।

मुख्य खबर

समुद्र में मछली पकड़ने वाले भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी और जेल में लंबे समय तक बंद रहने का मामला एक बार फिर सामने आया है। गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के ऊना तालुका के कोब गांव निवासी बीजलभाई भालिया की पाकिस्तान की जेल में मौत हो गई। उनके परिवार के लिए सबसे दुखद स्थिति यह है कि अंतिम संस्कार के समय उनका बेटा अश्विन भी भारत में मौजूद नहीं था। अश्विन अभी पाकिस्तान की जेल में बंद हैं।

पिता-पुत्र को समुद्र से किया गया था गिरफ्तार

उपलब्ध जानकारी के अनुसार बीजलभाई भालिया अपने बेटे अश्विन के साथ मछली पकड़ने के लिए समुद्र में गए थे। 7 फरवरी 2022 को पाकिस्तान मरीन सिक्योरिटी एजेंसी ने दोनों को पाकिस्तान के जल क्षेत्र में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उनके साथ अन्य भारतीय मछुआरे भी हिरासत में लिए गए थे। इसके बाद उन्हें पाकिस्तान की जेल में रखा गया।

बीजलभाई की उम्र करीब 50 वर्ष बताई गई है। जेल में रहने के दौरान उनकी तबीयत खराब हुई। परिवार के अनुसार जेल में रहने के बाद उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की जानकारी मिली थी। उनके बेटे अश्विन ने जेल में पिता की देखभाल भी की थी। बीजलभाई की मौत के बाद परिवार को उनके शव के भारत आने का इंतजार करना पड़ा।

सजा पूरी होने के बाद भी अश्विन जेल में

इस मामले का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू बीजलभाई के बेटे अश्विन की हिरासत है।

उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक अश्विन की सजा करीब चार वर्ष पहले पूरी हो चुकी थी,

लेकिन इसके बावजूद वह पाकिस्तान की जेल से रिहा होकर भारत नहीं लौट सके हैं।

बीजलभाई और अश्विन को एक ही जेल में रखा गया था।

परिवार अब अश्विन की रिहाई और भारत वापसी के लिए स्थानीय स्तर पर मदद की मांग हो रही है।

परिवार की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि पिता की मृत्यु के बाद अश्विन अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके।

बीजलभाई की मौत के बाद मछुआरा समुदाय में भी यह सवाल उठ रहा है।

समुद्री सीमा से जुड़े मामलों में गिरफ्तार भारतीय मछुआरों की रिहाई और स्वदेश वापसी की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है।

समुद्र में भारत-पाकिस्तान की समुद्री सीमा स्पष्ट रूप से पहचानना कई बार मछुआरों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

परिवार ने अश्विन की रिहाई की मांग की

बीजलभाई के परिवार की मांग है कि अश्विन को जल्द भारत वापस लाया जाए।

परिवार के सदस्यों ने स्थानीय नेताओं से संपर्क कर मदद की अपील की है।

परिवार के लिए यह स्थिति बेहद कठिन है कि पिता का शव भारत आ चुका है,

लेकिन उनका बेटा अभी भी पाकिस्तान की जेल में है।

पिता-पुत्र को समुद्र से किया गया था गिरफ्तार

सजा पूरी होने के बाद भी अश्विन जेल में

परिवार ने अश्विन की रिहाई की मांग की

Facts/Details

बीजलभाई भालिया गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के ऊना तालुका के कोब गांव के निवासी थे।

वह मछली पकड़ने का काम करते थे और समुद्री ट्रॉलर पर टंडेल यानी कप्तान के रूप में काम करते थे।

7 फरवरी 2022 को उन्हें उनके बेटे अश्विन सहित अन्य मछुआरों के साथ पाकिस्तान की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने पकड़ा था।

बीजलभाई की पाकिस्तान की जेल में मौत हुई।

उनकी मौत के करीब तीन सप्ताह बाद शव भारत भेजा गया।

उनके बेटे अश्विन की सजा करीब चार वर्ष पहले पूरी हो चुकी थी, लेकिन वह अभी भी पाकिस्तान में बंद हैं।

परिवार की ओर से अश्विन को जल्द भारत वापस लाने की मांग की जा रही है।

परिवार का कहना है कि बीजलभाई की मौत के बाद बेटे का भारत में न होना उनके लिए बेहद पीड़ादायक है।

स्थानीय स्तर पर परिवार ने नेताओं से संपर्क कर अश्विन की रिहाई में मदद की मांग की है।

FAQ

Q1. बीजलभाई भालिया कौन थे?

बीजलभाई भालिया गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के मछुआरे थे।

Q2. बीजलभाई को पाकिस्तान में कब पकड़ा गया था?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्हें 7 फरवरी 2022 को उनके बेटे अश्विन और अन्य मछुआरों के साथ पकड़ा गया था।

Q3. अश्विन अभी पाकिस्तान की जेल में क्यों हैं?

रिपोर्ट के अनुसार उनकी सजा करीब चार साल पहले पूरी हो चुकी है, लेकिन उनकी भारत वापसी अभी नहीं हुई है।

Q4. बीजलभाई का शव भारत कब भेजा गया?

उनकी मौत के करीब तीन सप्ताह बाद शव भारत भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

Q5. परिवार की मुख्य मांग क्या है?

परिवार अश्विन की रिहाई कराकर उन्हें भारत वापस लाने की मांग कर रहा है।

बीजलभाई भालिया की पाकिस्तान की जेल में मौत और बेटे अश्विन के अब भी वहां बंद होने से परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

अब परिवार अश्विन की जल्द रिहाई और भारत वापसी की उम्मीद कर रहा है।