रबी फसलों की MSP बढ़ी, कुसुम को सबसे अधिक ₹675 का इजाफा

नई दिल्ली | 1 अक्टूबर 2026

केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। कुसुम के MSP में सबसे अधिक ₹675 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

रबी फसलों के MSP में हुआ इजाफा

केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड एवं सरसों और कुसुम समेत छह अधिदेशित रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। यह फैसला केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में लिया गया। सरकार के अनुसार, MSP में बदलाव का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराना है।

नई दरों में कुसुम के MSP में सबसे ज्यादा ₹675 प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। इसके बाद रेपसीड एवं सरसों के MSP में ₹413 और मसूर में ₹390 प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है। जौ, चना और गेहूं के MSP में भी वृद्धि की गई है।

जानिए छह रबी फसलों की नई MSP दरें

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, विपणन सीजन 2027-28 में गेहूं का MSP ₹2,610 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले सीजन के मुकाबले ₹25 अधिक है। जौ का MSP ₹2,286 प्रति क्विंटल किया गया है, जिसमें ₹136 की वृद्धि हुई है।

चना का MSP अब ₹5,958 प्रति क्विंटल होगा। इसमें ₹83 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। मसूर का MSP ₹7,390 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष के ₹7,000 के मुकाबले ₹390 अधिक है।

रेपसीड एवं सरसों का MSP ₹6,613 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसमें ₹413 प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है।

वहीं कुसुम का MSP ₹6,540 से बढ़ाकर ₹7,215 प्रति क्विंटल कर दिया गया है।

कुसुम में ₹675 की बढ़ोतरी सभी छह रबी फसलों में सबसे अधिक है।

किसानों की उत्पादन लागत और MSP का संबंध

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार,

रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए MSP तय करते समय अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत को आधार बनाया गया है।

सरकार के आंकड़ों में गेहूं के लिए लागत के ऊपर 106 प्रतिशत की है।

रेपसीड एवं सरसों के लिए 96 प्रतिशत और मसूर के लिए 92 प्रतिशत का मार्जिन दर्ज किया गया है।

सरकार ने कहा है कि MSP में वृद्धि 2018-19 के केंद्रीय बजट में घोषित उस नीति के अनुरूप है,

जिसके तहत MSP को उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना स्तर पर रखने का सिद्धांत अपनाया गया था।

तिलहन और दलहन उत्पादन पर भी जोर

नई MSP दरों में मसूर, चना, रेपसीड-सरसों और कुसुम जैसी फसलों में वृद्धि हुई है।

दलहन और तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने की सरकारी रणनीति से भी जोड़ा गया है।

कृषि मंत्रालय के अनुसार, घरेलू उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए दलहन तथा तिलहन क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

Facts/Details

कर दी गई है

कृषि मंत्रालय के अनुसार,

रबी फसलों की MSP में वृद्धि का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराना है।

मंत्रालय ने बताया कि नई दरों में उत्पादन लागत को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग फसलों के लिए लागत के ऊपर निर्धारित मार्जिन शामिल है।

FAQ

Q1. रबी सीजन 2027-28 में MSP किस फसल में सबसे ज्यादा बढ़ी?

कुसुम के MSP में सबसे अधिक ₹675 प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है।

Q2. गेहूं का नया MSP कितना है?

गेहूं का MSP ₹2,610 प्रति क्विंटल तय किया गया है।

Q3. सरसों का नया MSP कितना है?

रेपसीड एवं सरसों का MSP ₹6,613 प्रति क्विंटल है।

Q4. मसूर का MSP कितना हुआ?

मसूर का नया MSP ₹7,390 प्रति क्विंटल है।

Q5. नई MSP किस विपणन सीजन के लिए है?

यह MSP रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए मंजूर की गई है।

रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए छह प्रमुख फसलों की MSP में बढ़ोतरी की गई है।

कुसुम, सरसों और मसूर में अपेक्षाकृत बड़ी वृद्धि हुई है, जबकि गेहूं, जौ और चना के MSP में भी बढ़ोतरी मंजूर की गई है।