गोरखपुर चिड़ियाघर: ठंड के बाद पर्यटकों का बूम गोरखपुर में सर्दी की ठंडक कम होते ही गोरखपुर चिड़ियाघर में रौनक लौट आई है। जनवरी-फरवरी के महीनों में ठंड के कारण पर्यटकों की संख्या घटी थी, लेकिन अब मौसम सुहावना होने से रोजाना सात से आठ हजार पर्यटक पहुंच रहे हैं। यह चिड़ियाघर उत्तर प्रदेश का प्रमुख आकर्षण बन चुका है, जहां परिवारिक पिकनिक और बच्चों के मनोरंजन के लिए बेहतरीन जगह उपलब्ध है। गोरखपुर जू में विभिन्न प्रजातियों के जानवरों और पक्षियों को देखने का मौका मिलता है, जो पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, ठंड कम होने से चिड़ियाघर का वातावरण और भी जीवंत हो गया है।
बढ़ते पर्यटकों का कारण: सुहावना मौसम और नई सुविधा
एंठंड कम होते ही गोरखपुर चिड़ियाघर में पर्यटकों की संख्या में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। वर्तमान में फरवरी 2026 में तापमान 20-25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने से लोग बाहर घूमने को उत्सुक हैं। चिड़ियाघर प्रबंधन ने भी नई सुविधाएं जोड़ी हैं, जैसे बेहतर पार्किंग, फूड कोर्ट और बच्चों के लिए स्विंग जोन। गोरखपुर चिड़ियाघर में शेर, बाघ, हाथी, बंदर और रंग-बिरंगे तोते जैसे जानवरों को करीब से देखा जा सकता है। पर्यटक बताते हैं कि यहां का प्राकृतिक वातावरण तनाव मुक्त करता है। इसके अलावा, वीकेंड पर स्पेशल शो और फोटो सेशन आयोजित होते हैं, जो आकर्षण बढ़ाते हैं।
गोरखपुर जू की खासियतें जो पर्यटकों को लुभा रही हैं
गोरखपुर चिड़ियाघर कुल 32 एकड़ क्षेत्र में फैला है और यहां 100 से अधिक प्रजातियों के जानवर रहते हैं। ठंड कम होने पर पर्यटक सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक घूमते नजर आते हैं। प्रमुख आकर्षणों में सफेद बाघ का एरिया, पक्षी उद्यान और सांपों का हाउस शामिल हैं। परिवारों के लिए पिकनिक स्पॉट और बोइस राइड उपलब्ध हैं। पर्यावरण जागरूकता के लिए चिड़ियाघर में प्लांटेशन ड्राइव भी चल रहा है। स्थानीय स्कूलों से बच्चों के ग्रुप रोजाना आते हैं, जो जू में शिक्षा और मनोरंजन का अनोखा संगम पाते हैं। टिकट की कीमत मात्र 50 रुपये प्रति व्यक्ति है, जो इसे बजट फ्रेंडली बनाती है।
आर्थिक प्रभाव: पर्यटन से गोरखपुर को फायदा
गोरखपुर चिड़ियाघर में सात-आठ हजार पर्यटकों के पहुंचने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला है। आसपास के होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड वेंडर्स की बिक्री दोगुनी हो गई है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के अनुसार, यह चिड़ियाघर गोरखपुर को पर्यटन हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ठंड कम होने पर पर्यटक कुशीनगर, श्रृंगवेरपुर जैसे नजदीकी स्थलों के साथ चिड़ियाघर को जोड़कर घूम रहे हैं। प्रबंधन ने ऑनलाइन बुकिंग और कोविड प्रोटोकॉल को मजबूत किया है, जिससे भीड़ प्रबंधन आसान हो गया। भविष्य में नाइट सफारी की योजना भी बन रही है।
पर्यटकों के अनुभव और सुझाव
पर्यटक गोरखपुर जू की साफ-सफाई और स्टाफ के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। एक विजिटर ने कहा, “ठंड कम होते ही यहां आना मजेदार हो गया, बच्चे घंटों खेलते रहते हैं।” हालांकि, कुछ ने पार्किंग बढ़ाने और पानी की व्यवस्था सुधारने का सुझाव दिया। चिड़ियाघर में सीसीटीवी और सिक्योरिटी मजबूत है।