गोरखपुर में अंबेडकर महासभा की बैठक, कुशीनगर अधिवेशन में शिक्षा-रोजगार और संवैधानिक अधिकारों पर होगा मंथन

गोरखपुर। राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार, 24 अगस्त 2026 को मुंशी प्रेमचंद पार्क, बेतियाहाता, गोरखपुर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा के जिला अध्यक्ष दीपक प्रिय ने की, जबकि संचालन जिला महासचिव बृजेश कुमार निषाद ने किया। बैठक में संगठन के आगामी कार्यक्रमों, चौथे राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों तथा सामाजिक और संवैधानिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

तथागत बुद्ध और बाबा साहब के चित्र पर दीप प्रज्वलन

बैठक की शुरुआत तथागत बुद्ध एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर की गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद भारती, एडवोकेट और विधि सलाहकार रामानुज राव, एडवोकेट ने दीप प्रज्वलित किया। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार सुमन ने बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महासभा के आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए आवश्यक तैयारियों पर विचार-विमर्श किया।

12 और 13 सितंबर को कुशीनगर में चौथा राष्ट्रीय अधिवेशन

राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद भारती ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा का चौथा राष्ट्रीय अधिवेशन 12 और 13 सितंबर 2026 को कुशीनगर में आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अधिवेशन को लेकर तैयारियां की जा रही हैं और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग की अपील की गई है।

उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से संगठन के कार्यकर्ता और प्रतिनिधि कुशीनगर की धरती पर पहुंचेंगे। तथागत बुद्ध को नमन करने के बाद चौथे राष्ट्रीय अधिवेशन की शुरुआत की जाएगी। अधिवेशन में संगठन से जुड़े विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और संवैधानिक विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।

शिक्षा, रोजगार और संवैधानिक अधिकारों पर होगा मंथन

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अधिवेशन में शिक्षा, रोजगार, सामाजिक शोषण, दमन, उत्पीड़न और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

संगठन इन विषयों पर अपनी आगामी रणनीति और सामाजिक सरोकारों को लेकर चर्चा करेगा। उन्होंने कहा कि संविधान में नागरिकों को दिए गए अधिकारों और सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर जागरूकता बढ़ाना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले प्रतिनिधियों के

इन विषयों पर अपने विचार रखने की संभावना है।

सामाजिक और संवैधानिक मुद्दों पर बनेगी रणनीति

बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गई कि समाज में शिक्षा और रोजगार के अवसरों को

लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ संवैधानिक अधिकारों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाए।

पदाधिकारियों ने सामाजिक समस्याओं और लोगों से जुड़े मुद्दों पर संगठन की भूमिका को लेकर भी

विचार साझा किए। अधिवेशन को इन विषयों पर व्यापक संवाद के मंच के रूप में देखा जा रहा है।

कविता पाठ और नाटक का भी होगा मंचन

चौथे राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम की रात्रि में अंबेडकरवादी और प्रगतिशील साथियों द्वारा कविता पाठ किया जाएगा।

इसके साथ ही सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर नाटक का मंचन भी प्रस्तावित है।

आयोजकों के अनुसार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक समानता, न्याय,

शिक्षा और जागरूकता का संदेश लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यकर्ताओं से अधिवेशन को सफल बनाने की अपील

बैठक में राष्ट्रीय अंबेडकर महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने

चौथे राष्ट्रीय अधिवेशन को सफल बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद भारती ने सभी साथियों से सहयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा कि

कुशीनगर में होने वाला राष्ट्रीय अधिवेशन संगठन के लिए महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने विभिन्न राज्यों से आने वाले कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधियों से अधिवेशन में

शामिल होकर सामाजिक एवं संवैधानिक विषयों पर होने वाले विमर्श को मजबूती देने की अपील की।

कुशीनगर अधिवेशन पर रहेगी नजर

गोरखपुर में हुई बैठक के बाद अब संगठन की तैयारियों का केंद्र आगामी कुशीनगर अधिवेशन रहेगा।

12 और 13 सितंबर 2026 को होने वाले इस कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, सामाजिक समस्याओं और

संवैधानिक अधिकारों जैसे मुद्दों पर चर्चा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने की योजना है।

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