अखिलेश यादव का केंद्र पर हमला: बोले- देश को परिसीमन से ज्यादा सीमाओं की सुरक्षा की जरूरत

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने परिसीमन के मुद्दे को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इस समय देश के सामने परिसीमन से ज्यादा महत्वपूर्ण चुनौती सीमाओं की सुरक्षा है। अखिलेश ने सरकार से यह भी सवाल किया कि वर्ष 2014 में देश का क्षेत्रफल कितना था और अब कितना है। 

अखिलेश यादव रविवार को लखनऊ के हजरतगंज में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने परिसीमन के साथ-साथ महंगाई, पेट्रोल में E20 मिश्रण, किसानों की खाद और डीएपी से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। 

परिसीमन से पहले सीमाओं की सुरक्षा पर सवाल

अखिलेश यादव ने कहा कि देश में परिसीमन को लेकर चर्चा हो रही है, लेकिन इससे पहले सरकार को देश की सीमाओं की सुरक्षा पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर देश की सीमाओं को लेकर चिंता है तो इस विषय पर सरकार को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।

उन्होंने भाजपा सरकार से देश के क्षेत्रफल को लेकर भी सवाल किया। उनका कहना था कि सरकार को बताना चाहिए कि 2014 में भारत का क्षेत्रफल कितना था और वर्तमान में कितना है।

सपा प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक बदलावों के संदर्भ में परिसीमन का मुद्दा चर्चा में है। विपक्षी दलों की ओर से इस विषय पर अलग-अलग आशंकाएं और सवाल उठाए जाते रहे हैं।

महंगाई और पेट्रोल के मुद्दे पर भी निशाना

अखिलेश यादव ने सरकार पर महंगाई को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई बढ़ी है और पेट्रोल में E20 मिश्रण को लेकर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।

उन्होंने यह मुद्दा उठाते हुए सरकार से पेट्रोल और आम लोगों पर पड़ने वाले आर्थिक असर को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। 

अखिलेश का कहना था कि राजनीतिक बहस केवल परिसीमन तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जनता से जुड़े रोजमर्रा के मुद्दों पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।

किसानों की खाद और डीएपी पर सवाल

सपा अध्यक्ष ने किसानों से जुड़े मुद्दों को भी अपने बयान में शामिल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के लिए उपलब्ध खाद और डीएपी की व्यवस्था में गड़बड़ियां हो रही हैं।

अखिलेश ने कहा कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में जरूरी कृषि सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने खाद और डीएपी को लेकर उठ रही शिकायतों पर जवाब मांगा। 

कृषि क्षेत्र से जुड़े इस मुद्दे को लेकर सपा प्रमुख ने सरकार पर किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

लखनऊ की सफाई व्यवस्था पर भी हमला

अखिलेश यादव ने लखनऊ की नगर व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने शहर में जगह-जगह कूड़ा पड़े होने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि राजधानी जैसे शहर में सफाई व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। उनके इस बयान में स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ प्रदेश सरकार पर भी राजनीतिक हमला नजर आया। 

बारिश के मौसम में जलभराव और सफाई व्यवस्था पहले से ही शहरों में बड़ी चुनौती बनी रहती है। ऐसे में लखनऊ की स्थिति को लेकर अखिलेश का बयान राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

300 करोड़ पेड़ लगाने के दावे पर सवाल

सपा अध्यक्ष ने पर्यावरण से जुड़े मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने भाजपा नेताओं के 300 करोड़ पेड़ लगाने के दावे पर सवाल करते हुए पूछा कि ये पेड़ आखिर कहां लगाए गए हैं।

अखिलेश ने सरकार से वृक्षारोपण अभियान की वास्तविक स्थिति और उसके परिणाम सार्वजनिक करने की मांग की। उनका सवाल यह था कि यदि इतने बड़े पैमाने पर पौधे लगाए गए हैं तो उनकी मौजूदा स्थिति और स्थान की जानकारी भी सामने आनी चाहिए। 

इस मुद्दे के जरिए उन्होंने सरकार के पर्यावरण संबंधी दावों पर भी राजनीतिक सवाल खड़े किए।

गोरखपुर में स्कूल बंद होने का आरोप

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र गोरखपुर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गोरखपुर में 500 प्राथमिक स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जिस

क्षेत्र का प्रतिनिधित्व मुख्यमंत्री करते हैं, वहां स्कूलों को लेकर इस तरह की स्थिति चिंता का विषय है। 

हालांकि स्कूलों की संख्या और उन्हें बंद या मर्ज किए जाने से जुड़ी

स्थिति के बारे में अंतिम तथ्य संबंधित सरकारी रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होंगे।

कानपुर एक्सप्रेसवे की स्थिति पर भी सवाल

अखिलेश यादव ने कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर भी सरकार को घेरा।

उन्होंने सड़क पर गड्ढों का मुद्दा उठाते हुए निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता पर सवाल किया।

उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को लेकर सरकार बड़े दावे करती है,

लेकिन जमीन पर उनकी स्थिति की भी समीक्षा होनी चाहिए। 

इस तरह अखिलेश ने अपने बयान में राष्ट्रीय मुद्दे से लेकर प्रदेश की

स्थानीय समस्याओं तक कई विषयों को शामिल किया।

रानी अवंतीबाई लोधी को दी श्रद्धांजलि

अखिलेश यादव ने लखनऊ के हजरतगंज में रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में रानी अवंतीबाई के योगदान को याद किया।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह रानी लक्ष्मीबाई का स्वतंत्रता आंदोलन में

महत्वपूर्ण योगदान रहा, उसी तरह रानी अवंतीबाई लोधी की भूमिका भी महत्वपूर्ण थी।

उन्होंने उनके समाज के हक और अधिकारों की लड़ाई जारी रखने की बात कही। 

PDA की राजनीति को आगे बढ़ाने का संकेत

अखिलेश यादव ने अपने बयान में PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक

वर्गों से जुड़े राजनीतिक मुद्दों को भी आगे बढ़ाने की बात कही।

उन्होंने कहा कि समाज को जागरूक और जोड़ने का काम जारी रहेगा।

इससे संकेत मिलता है कि सपा आने वाले राजनीतिक अभियान में सामाजिक न्याय और

प्रतिनिधित्व के मुद्दे को प्रमुखता देने की तैयारी में है। 

परिसीमन का मुद्दा क्यों अहम है?

परिसीमन का मतलब निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण होता है।

इसमें जनसंख्या, प्रतिनिधित्व और निर्वाचन क्षेत्र की संरचना जैसे विषय महत्वपूर्ण होते हैं।

भारत में परिसीमन का मुद्दा इसलिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील है क्योंकि

लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्गठन का असर राज्यों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर पड़ सकता है।

इसी कारण इस विषय पर अलग-अलग राजनीतिक दल अपने-अपने पक्ष और चिंताएं सामने रखते रहे हैं।

अखिलेश यादव का ताजा बयान भी इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा है।

उन्होंने परिसीमन की प्रक्रिया पर सवाल उठाने के साथ देश की

सीमाओं और अन्य जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही है।

विपक्षी राजनीति में बढ़ सकती है बहस

अखिलेश के बयान से साफ है कि सपा परिसीमन के मुद्दे को केवल तकनीकी या

चुनावी प्रक्रिया के तौर पर नहीं देख रही, बल्कि इसे व्यापक राजनीतिक सवाल से जोड़ रही है।

विपक्षी दल पहले भी परिसीमन को लेकर राज्यों के प्रतिनिधित्व और

राजनीतिक संतुलन पर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में संसद और

राजनीतिक मंचों पर इस मुद्दे पर बहस और तेज हो सकती है।

निष्कर्ष

अखिलेश यादव ने लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार पर

सवाल उठाते हुए कहा कि देश को इस समय सीमाओं की सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

उन्होंने 2014 और वर्तमान में देश के क्षेत्रफल को लेकर सरकार से जवाब मांगा। 

इसके अलावा उन्होंने महंगाई, E20 पेट्रोल, किसानों की खाद-डीएपी, लखनऊ की सफाई व्यवस्था,

वृक्षारोपण और गोरखपुर के स्कूलों जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। साथ ही रानी अवंतीबाई लोधी को

श्रद्धांजलि देते हुए उनके समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। 

आने वाले दिनों में परिसीमन और सीमाओं की सुरक्षा को लेकर

अखिलेश यादव के इस बयान पर भाजपा और केंद्र सरकार की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना है।

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