Agra के संजय प्लेस स्थित आयकर भवन में उस समय हड़कंप मच गया जब आयकर इंस्पेक्टर सुरेश चंद मौर्य ने सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे विभाग और इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस मामले की कई एंगल से जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सुरेश चंद लंबे समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे और उनका इलाज मनोचिकित्सक से चल रहा था।
कोरोना काल से तनाव में थे सुरेश चंद,
पुलिस ने आयकर विभाग के कर्मचारियों और सहयोगियों से पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि कोरोना काल के दौरान सुरेश चंद मौर्य तनाव में आ गए थे। हालांकि तनाव की असली वजह क्या थी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
सहकर्मियों के अनुसार उनका इलाज मनोचिकित्सक से चल रहा था और कुछ समय के लिए हालत में सुधार भी हुआ था, लेकिन बीच-बीच में वह फिर तनाव में आ जाते थे।
सातवीं मंजिल की सीढ़ियों पर मिली चप्पल,
पुलिस जांच में सामने आया कि आयकर भवन की छत पर जाने का रास्ता बंद था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सुरेश चंद सातवीं मंजिल की रेलिंग पर चढ़कर नीचे कूदे।
उनकी चप्पल सातवीं मंजिल की सीढ़ियों पर मिली हैं। घटना के समय ऑफिस बंद हो चुका था और अधिकांश कर्मचारी जा चुके थे। पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक टीम बुलाकर जांच कराई है।
पत्नी शव देखकर हुई बेहोश,
घटना की जानकारी मिलने पर सुरेश चंद की पत्नी अलका और बेटा मौके पर पहुंचे। पति का शव देखकर पत्नी बेहोश हो गईं। परिवार और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया।
परिवार के अनुसार सुरेश चंद शाम को काम से जाने की बात कहकर निकले थे।
किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेंगे।
बेटे की हरकत से पुलिस भी रह गई हैरान,
घटना के बाद सुरेश चंद के बेटे की हरकत ने पुलिस को भी चौंका दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार बेटा शव के
पास पहुंचकर अशोभनीय व्यवहार करने लगा, जिसके बाद पुलिस को उसे वहां से हटाना पड़ा।
इस घटना के बाद पुलिस परिवार की परिस्थितियों और घरेलू तनाव के पहलुओं की भी जांच कर रही है।
हालांकि अधिकारियों ने बेटे की हरकत को लेकर सार्वजनिक रूप से ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है।
पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल और CCTV खंगाल रही,
पुलिस अब सुरेश चंद के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आयकर भवन में लगे
CCTV कैमरों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के
पीछे की असली वजह पता लगाने के लिए हर पहलू की जांच की जा रही है।
फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
परिवार और मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल,
यह घटना एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक मानसिक तनाव में रहने वाले लोगों को
समय पर भावनात्मक और चिकित्सकीय सहायता मिलना बेहद जरूरी है।
सहकर्मियों के मुताबिक सुरेश चंद सामान्य व्यवहार करते थे, लेकिन अंदर ही अंदर तनाव से जूझ रहे थे।
पूरे इलाके में पसरा मातम,
घटना के बाद आयकर विभाग और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है।
सहकर्मी और स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। कई लोगों ने सुरेश चंद को शांत स्वभाव का व्यक्ति बताया।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
आगरा आयकर इंस्पेक्टर आत्महत्या मामला केवल एक दुखद घटना नहीं बल्कि मानसिक
तनाव और पारिवारिक परिस्थितियों की गंभीरता को भी सामने लाता है।
फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और कॉल डिटेल,
CCTV व फोरेंसिक रिपोर्ट के जरिए सच तक पहुंचने की कोशिश जारी है।