शामली में दर्दनाक हादसा: मायके न भेजने पर महिला ने लगाई आग, दो मासूम बेटियों की मौत,

Shamli के मोहल्ला आल दरमियान में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। मायके न भेजने से नाराज महिला ने कथित तौर पर खुद को आग लगा ली, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। घटना घटने से कमरे में धुआं भरने के कारण उसकी दो मासूम बेटियों की दम घुटने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

धुएं से गई दो मासूम बच्चियों की जान,

जानकारी के मुताबिक महिला अनीता (35) अपने पति जसविंदर उर्फ जस्सी के साथ रहती थी। बृहस्पतिवार सुबह पति काम के लिए पानीपत चला गया था। घर पर महिला अपनी सास और बच्चों के साथ थी।

सुबह करीब 11 बजे पड़ोसियों ने घर से धुआं निकलते देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस और स्थानीय लोगों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर आग बुझाई। अंदर अनीता गंभीर रूप से झुलसी हालत में मिली, जबकि उसकी बेटियां वंदना (6) और जसप्रीत (1.5) बेड पर मृत अवस्था में थीं।

सिलिंडर से गैस लीक कर लगाई आग,

पुलिस अधीक्षक के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया कि महिला ने चारपाई के पास रखे सिलिंडर की पिन को पेचकस से दबाकर गैस लीक की और फिर माचिस जलाकर आग लगा दी।

कमरे में तेजी से धुआं भर गया, जिससे दोनों बच्चियों की दम घुटने से मौत हो गई। महिला की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है।

पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा था विवाद,

परिजनों के अनुसार जसविंदर और अनीता के बीच करीब 20 महीने से अनबन चल रही थी। दोनों के बीच अक्सर मामूली बातों पर झगड़े होते रहते थे। बताया गया कि अनीता बार-बार अपने मायके जाने की जिद करती थी।

पति जसविंदर ने बताया कि 15 दिन पहले भी अनीता मायके गई थी और तीन दिन पहले ही वापस लौटी थी। इसके बावजूद वह दोबारा मायके जाने की जिद कर रही थी।

“मायके नहीं भेजा तो भगवान के पास चली जाऊंगी”,

पति के अनुसार घटना से एक दिन पहले अनीता ने कहा था कि यदि उसे मायके नहीं भेजा गया तो वह

“भगवान के पास चली जाएगी।” हालांकि परिवार ने

यह नहीं सोचा था कि वह इतना बड़ा कदम उठा सकती है।

जसविंदर ने यह भी बताया कि करीब डेढ़ साल पहले अनीता ने

फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन समय रहते उसे बचा लिया गया था।

मायके वालों ने जताई हत्या की आशंका,

घटना के बाद अनीता के मायके वालों ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया।

उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

महिला की मां सीमा ने कहा कि उन्हें पति-पत्नी के बीच झगड़े की जानकारी थी, लेकिन

इतनी बड़ी घटना की कभी उम्मीद नहीं थी। मायके पक्ष ने बच्चियों की

हत्या और महिला की हत्या के प्रयास की आशंका जताई है।

पुलिस और फोरेंसिक टीम जुटी जांच में,

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई।

कमरे से सबूत जुटाए गए और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

फोरेंसिक रिपोर्ट और महिला के बयान के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

घरेलू विवाद बना बड़ी त्रासदी,

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव किस तरह

बड़े हादसे का रूप ले सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू विवादों और

मानसिक तनाव को समय रहते समझना और समाधान निकालना बेहद जरूरी है।

स्थानीय लोग भी इस घटना के बाद सदमे में हैं और पूरे इलाके में मातम का माहौल बना हुआ

शामली में हुई यह दर्दनाक घटना पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी मानी जा रही है। पारिवारिक विवाद और

मानसिक तनाव ने एक परिवार को बर्बाद कर दिया, जिसमें दो मासूम बच्चियों की जान चली गई।

अब पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही सामने आ पाएगी।

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