रामगढ़ ताल में झोपड़ी छोड़कर भागे संदिग्ध: रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए गोरखपुर पुलिस की जांच तेज

गोरखपुर के रामगढ़ ताल क्षेत्र में पुलिस की छापेमारी से हड़कंप मच गया है। 13 दिसंबर 2025 को रामगढ़ ताल की झोपड़ियों से संदिग्ध व्यक्ति भागे, जिन्हें रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिक होने का शक है। अमर उजाला और लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने 50 से ज्यादा संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। यह कार्रवाई अवैध प्रवासियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए की गई है। स्थानीय लोगों ने कई दिनों से संदिग्धों की शिकायत की थी। पुलिस ने झोपड़ियों से विदेशी दस्तावेज बरामद किए हैं। यह घटना गोरखपुर में बढ़ते अवैध प्रवासियों की समस्या को उजागर करती है।

घटना का पूरा विवरण: रामगढ़ ताल झोपड़ियों से भागे संदिग्ध

13 दिसंबर की सुबह गोरखपुर पुलिस ने रामगढ़ ताल क्षेत्र की झोपड़ियों पर छापेमारी की। सूचना मिली थी कि यहां रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिक छिपे हैं। पुलिस पहुंची तो 20-25 संदिग्ध व्यक्ति झोपड़ियों से भाग निकले। पुलिस ने पीछा किया, लेकिन कुछ ही पकड़े गए। बाकी जंगल और ताल की ओर भाग गए।

पुलिस ने 5 झोपड़ियों की तलाशी ली, जहां से:

  • 15 फर्जी आधार कार्ड बरामद।
  • बांग्लादेशी और म्यांमार के दस्तावेज।
  • 2 लाख नकदी और मोबाइल फोन।

थाना प्रभारी ने कहा, “ये संदिग्ध अवैध प्रवासी हैं। हम उनकी पहचान कर रहे हैं।”

पुलिस की जांच: रोहिंग्या और बांग्लादेशी नेटवर्क

  • संदिग्ध बांग्लादेश और रोहिंग्या थे।
  • वे मजदूरी के नाम पर भारत आए थे।
  • नेटवर्क गोरखपुर से बिहार और नेपाल तक फैला।
  • फर्जी दस्तावेज AI से बनाए गए थे।

पुलिस ने असम और बांग्लादेश पुलिस से संपर्क किया है। 50+ संदिग्धों की तलाश जारी है।

स्थानीय लोगों की चिंता: असुरक्षा का माहौल

रामगढ़ ताल क्षेत्र के लोग डर के मारे हैं। एक महिला ने कहा, “रात में संदिग्ध घूमते हैं, चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं।” पार्षद ने कहा, “अवैध प्रवासियों की जांच जरूरी।” लोगों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई: छापेमारी और अलर्ट

  • 50+ संदिग्धों की तलाश।
  • FIR में IPC 419 (धोखाधड़ी), 420 (जालसाजी) दर्ज।
  • रामगढ़ ताल क्षेत्र में 24 घंटे गश्त।
  • DM ने सभी थानों को निर्देश दिए।