अयोध्या में एक घर में गैस सिलेंडर फटने से मकान गिर गया, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में तीन बच्चे, उनके पिता और एक मजदूर शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और रात 11 बजे तक राहत कार्य चलता रहा। यह घटना बहुत ही दुखद है
और इलाके के लोगों में शोक की लहर है।दुर्घटना का विवरणहादसा अयोध्या जिले के एक मोहल्ले में शाम 7:30 बजे हुआ। मकान में गैस सिलेंडर में लीकेज होकर अचानक जोरदार धमाका हुआ जिससे पूरा मकान भरभरा कर ढह गया। मकान के मलबे में पूरा परिवार फंस गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा। जेसीबी मशीन से मलबा हटाने का काम तेजी से शुरू किया गया।मृतकों की पहचानमरने वालों में तीन बच्चे, उनका पिता और एक मजदूर शामिल हैं
। यह पूरा परिवार एक ही घर में रहता था, मजदूर भी उनके साथ काम के लिए रुका हुआ था। मोहल्ले के लोग दुखी हैं और हर कोई हादसे को लेकर हैरान है।राहत एवं बचाव कार्यपुलिस और प्रशासनिक टीम ने रात 11 बजे तक राहत व बचाव कार्य चलाया। एसडीएम, सीओ, नगर निगम की फायर ब्रिगेड टीम मौके पर मौजूद रही। मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकाला गया, हालांकि तब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी थी
। घायलों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।इलाके में भय का माहौलघटना के बाद मोहल्ले का माहौल गमगीन हो गया। सैकड़ों लोग घटनास्थल पर जुट गए। पुलिस ने सुरक्षा को कड़ा कर दिया जिससे राहगीरों को मलबा हटाने में असुविधा न हो।जिला प्रशासन की प्रतिक्रियाजिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। फायर ब्रिगेड ने बाकी सिलेंडरों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया।जांच और कारणप्राथमिक जांच में गैस सिलेंडर में लीकेज और चिंगारी से धमाका होने की बात सामने आई है। हालांकि प्रशासन ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी जांच के लिए बुलाया है
ताकि हादसे की असली वजह पता चल सके।सामाजिक प्रतिक्रियापूरा शहर शोक में डूबा है और लोगों ने पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करने का भरोसा जताया है। कुछ समाजसेवी संस्थाएं और स्थानीय नेता मुआवजे की मांग करने लगे हैं।निष्कर्षयह दर्दनाक हादसा बताता है
कि गैस सिलेंडर के सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी घातक हो सकती है। प्रशासन और समाज को चाहिए कि सुरक्षा के प्रति संवेदनशील रहें और समय-समय पर गैस उपकरणों की जांच करवाएं।
