राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर/गोला। गोला तहसील परिसर में स्थित गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) के गीडा साइट कार्यालय के सामने से मंगलवार को एक कंप्यूटर ऑपरेटर की बाइक चोरी होने का मामला सामने आया है। कार्यालय के सामने लॉक करके खड़ी की गई बाइक शाम को गायब मिली। पीड़ित कर्मचारी ने मामले की शिकायत गोला थाने में तहरीर देकर की है। बाइक चोरी की घटना के बाद तहसील परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
कार्यालय के सामने खड़ी की थी बाइक
पीड़ित कंप्यूटर ऑपरेटर के मुताबिक वह गोला तहसील परिसर में तहसीलदार कोर्ट के बगल में स्थित गोरखपुर विकास प्राधिकरण के गीडा साइट कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। मंगलवार को वह रोज की तरह अपनी बाइक से कार्यालय पहुंचा था।
उसने अपनी काले रंग की हीरो स्प्लेंडर बाइक, जिसका नंबर यूपी 53 डी यू 7536 है, कार्यालय के सामने लॉक करके खड़ी की थी। इसके बाद वह अपने नियमित कार्यालयी कार्य में लग गया।
शाम को कार्यालय बंद होने के बाद जब वह घर जाने के लिए बाहर निकला तो बाइक वहां मौजूद नहीं थी। काफी तलाश करने के बाद भी बाइक का कोई पता नहीं चला।
लॉक तोड़कर बाइक ले गए चोर
पीड़ित को आशंका है कि अज्ञात चोरों ने बाइक को निशाना बनाया और उसे चोरी कर फरार हो गए। दिनदहाड़े तहसील परिसर जैसे स्थान से बाइक चोरी होने की घटना ने कर्मचारियों और आसपास के लोगों को भी हैरान कर दिया है।
पीड़ित ने तत्काल आसपास बाइक की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने मामले की जानकारी पुलिस को दी और गोला थाने में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
थाने में दी लिखित तहरीर
पीड़ित कंप्यूटर ऑपरेटर ने अपनी तहरीर में पूरी घटना का विवरण पुलिस को दिया है। उसने बताया कि वह गोला तहसील परिसर में स्थित कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर काम करता है और रोजाना की तरह मंगलवार को भी अपनी बाइक कार्यालय के सामने खड़ी करके अंदर गया था।
शाम को कार्यालय बंद होने के बाद बाहर आने पर बाइक गायब मिली। इसके बाद उसे विश्वास हुआ कि उसकी बाइक चोरी हो गई है।
पीड़ित ने पुलिस से बाइक बरामद करने और अज्ञात चोरों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
तहसील परिसर की सुरक्षा पर उठे सवाल
बाइक चोरी की इस घटना के बाद गोला तहसील परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। तहसील परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता और आम लोग पहुंचते हैं। ऐसे स्थान पर कार्यालय के सामने से बाइक चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
लोगों का कहना है कि यदि परिसर में पर्याप्त निगरानी और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था हो तो इस तरह की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
सीसीटीवी फुटेज से खुल सकता है मामला
अब पुलिस के लिए घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना महत्वपूर्ण होगा। यदि कैमरों में संदिग्ध व्यक्ति या बाइक चोरी करने वाले आरोपी दिखाई देते हैं तो उनकी पहचान करने में पुलिस को मदद मिल सकती है।
तहसील परिसर के प्रवेश और निकास मार्गों पर लगे कैमरों की फुटेज भी
जांच का अहम हिस्सा हो सकती है। चोरी के बाद आरोपी किस दिशा में भागे,
इसका पता लगाने के लिए आसपास के मार्गों की निगरानी भी की जा सकती है।
कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
तहसील परिसर में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच बाइक चोरी की
घटना को लेकर चिंता बढ़ गई है। कर्मचारी अक्सर अपने दोपहिया वाहन कार्यालय के
आसपास खड़े करके काम करते हैं। ऐसे में एक कर्मचारी की बाइक चोरी होने के
बाद दूसरे कर्मचारियों को भी अपने वाहनों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक कार्यालयों में आने वाले
लोगों और कर्मचारियों के वाहनों की सुरक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी तस्वीर
फिलहाल पीड़ित की ओर से थाने में तहरीर दिए जाने के बाद पुलिस के
स्तर से जांच की जानी है। बाइक चोरी की घटना के संबंध में पुलिस
आसपास के लोगों से जानकारी लेने के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल सकती है।
बाइक की बरामदगी और आरोपी की पहचान के लिए पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगा।
वाहन मालिकों के लिए भी जरूरी सावधानी
बाइक चोरी की घटनाओं को देखते हुए वाहन मालिकों को भी अपने वाहनों की
सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। वाहन को केवल लॉक करके छोड़ने के
बजाय संभव हो तो सुरक्षित और निगरानी वाले स्थान पर खड़ा करना चाहिए।
अतिरिक्त सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल भी चोरी की आशंका को कम करने में मदद कर सकता है।
गोला तहसील परिसर की इस घटना के बाद कर्मचारियों को भी
अपने वाहनों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
निष्कर्ष
गोला तहसील परिसर में गीडा साइट कार्यालय के सामने से कंप्यूटर ऑपरेटर की
बाइक चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित के अनुसार उसने अपनी काले रंग की
हीरो स्प्लेंडर बाइक यूपी 53 डी यू 7536 को कार्यालय के सामने लॉक करके खड़ा किया था। शाम को
कार्यालय बंद होने के बाद जब वह घर जाने के लिए बाहर निकला तो बाइक गायब मिली।
बाइक चोरी होने की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने आसपास तलाश की,
लेकिन वाहन का कोई पता नहीं चला। इसके बाद उसने गोला थाने में लिखित तहरीर देकर
बाइक बरामद करने और अज्ञात चोरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अब पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों तक
पहुंचने की कोशिश कर सकती है। तहसील परिसर जैसे सार्वजनिक स्थान से
बाइक चोरी होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
मामले में पुलिस की जांच के बाद ही चोरी की घटना से जुड़ी पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
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